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ईरान और अमेरिका के बीच न्यूक्लियर डील पर बातचीत का अगला दौर जिनेवा में

ईरान और अमेरिका के बीच संभावित न्यूक्लियर डील पर बातचीत 26 फरवरी को जिनेवा में होने जा रही है। ओमान के विदेश मंत्री ने इस वार्ता की पुष्टि की है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच हो रही है। अमेरिका ने ईरान को डील के लिए अल्टीमेटम दिया है, जबकि ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी जारी हैं। जानें इस वार्ता के महत्व और ईरान की प्रतिक्रिया के बारे में।
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ईरान और अमेरिका के बीच न्यूक्लियर डील पर बातचीत का अगला दौर जिनेवा में

न्यूक्लियर डील पर बातचीत

ईरान और अमेरिका के बीच संभावित न्यूक्लियर डील पर अगली वार्ता 26 फरवरी को जिनेवा में आयोजित की जाएगी। ओमान के विदेश मंत्री ने इस तारीख की पुष्टि की है, जो इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। यह विकास उस समय हो रहा है जब मध्य पूर्व में अमेरिका की सैन्य उपस्थिति के कारण दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान को न्यूक्लियर डील पर सहमत होने के लिए 10 से 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था, चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा न करने पर ईरान के लिए परिणाम गंभीर हो सकते हैं।


ईरान में प्रदर्शन

ईरान की कुछ विश्वविद्यालयों, विशेषकर तेहरान और मशहद में, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ नए विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। रविवार को भी इन प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहा।


जिनेवा में वार्ता की तैयारी

ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल बुसैदी ने बताया कि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत गुरुवार को जिनेवा में फिर से शुरू होगी।


अमेरिकी सैन्य तैनाती

मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य बलों की संख्या बढ़कर 13 युद्धपोत हो गई है, जिसमें एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन भी शामिल है, जो पिछले महीने क्षेत्र में पहुंचा था। इसके अलावा, नौ डिस्ट्रॉयर और तीन फ्रिगेट भी तैनात हैं।


US-ईरान के बीच तनाव

जनवरी में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव उस समय बढ़ा जब ट्रंप ने ईरानी शासन की निंदा की और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के लिए वोट दिया। ईरान का दावा है कि 3,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि अमेरिकी आधारित मानवाधिकार संगठन HRANA ने इस कार्रवाई में 7,000 से अधिक मौतों की रिपोर्ट दी है।


ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान ने अमेरिका के हमले पर जवाबी कार्रवाई करने की कसम खाई है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने न्यूक्लियर वार्ता के लिए किसी तात्कालिक समाधान की उम्मीद नहीं जताई। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।