ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक तेल बाजार पर खतरा
वैश्विक संकट की ओर बढ़ता मध्य पूर्व
एक ओर होर्मुज जलडमरू है, जबकि दूसरी ओर लाल सागर और बाब अलमंडे का मार्ग है। ईरान इस समय होर्मुज को बंद किए हुए है और केवल चुनिंदा जहाजों को गुजरने की अनुमति दे रहा है। वहीं, लाल सागर के बंद होने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। यह क्षेत्र, होर्मुज की तरह, तेल और अन्य व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने एक ऐसे मोड़ पर पहुंचा दिया है, जहां पूरी दुनिया एक संभावित महायुद्ध और वैश्विक आर्थिक मंदी की आहट सुन रही है। हाल के दिनों में अमेरिका और इसराइल के संयुक्त हमले ईरान पर जारी हैं, जिसके जवाब में ईरान ने अपनी सैन्य शक्ति को सक्रिय किया है और होर्मुज जलडमरू को भी बंद कर दिया है।
यमन के विद्रोहियों की धमकी
यमन के हुतियों ने ईरान के समर्थन में मोर्चा खोलने की घोषणा की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान पर हमले तुरंत नहीं रोके गए, तो वे लाल सागर और बाब अलमंडे को पूरी तरह से बंद कर देंगे। हुतियों ने स्पष्ट किया है कि वे लाल सागर से गुजरने वाले हर जहाज को निशाना बनाएंगे जो अमेरिका, इसराइल या उनके सहयोगियों से जुड़ा होगा। उनके पास आधुनिक ईरानी एंटीशिप मिसाइलें और पानी के नीचे चलने वाले ड्रोन हैं, जो इस खतरे को और भी गंभीर बना रहे हैं।
तेल की कीमतों में वृद्धि
वर्तमान में कच्चे तेल की कीमतें $130 प्रति बैरल के पार जा रही हैं, और यह आगे और बढ़ सकती हैं। लाल सागर स्वेज नहर का प्रवेश द्वार है, और यदि यह बंद होता है, तो इससे चीन, भारत और दक्षिण पूर्व एशिया से यूरोप जाने वाला व्यापार ठप हो सकता है। हुतियों की धमकी ने वाशिंगटन और ब्रसेल्स में चिंता बढ़ा दी है। यदि हुतियों ने लाल सागर को ब्लॉक किया, तो अमेरिका को यमन में जमीनी कार्रवाई करनी पड़ सकती है, जिससे एक लंबे और खूनी युद्ध की शुरुआत हो सकती है।
ईरान के हमलों का प्रभाव
अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमले किए यह सोचकर कि ईरान कमजोर हो जाएगा, लेकिन इसके विपरीत, ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। हाल ही में कतर के गैस प्लांट पर हुए ईरानी हमलों ने कतर की एलएजी निर्यात क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इन हमलों के कारण कतर की 17% एलएजी निर्यात क्षमता नष्ट हो गई है, जिससे उत्पादन अगले 5 वर्षों तक ठप रहने की आशंका है।
