ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के बावजूद हमले जारी
सीजफायर के बाद भी हमले
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर सहमति बनी
ईरान में सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटों बाद लवन आइलैंड की तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ। सुबह लगभग 10 बजे हुए इस हमले के कारण रिफाइनरी में आग लग गई। इसी बीच, कुवैत ने भी यह आरोप लगाया कि सीजफायर के बावजूद ईरान ने ड्रोन से हमला किया।
कुवैत का दावा
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि सुबह से अब तक 28 ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ ड्रोन कुवैत के दक्षिणी हिस्से तक पहुंचे और महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें तेल के बड़े प्लांट, बिजली घर और पानी के डीसैलिनेशन प्लांट शामिल हैं।
सीजफायर के पीछे की कहानी
अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिन बाद 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि यह निर्णय पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया गया।
समझौते की शर्तें
ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने अमेरिका को 10 पॉइंट का एक प्रस्ताव भेजा है, जिस पर आगे बातचीत की जा सकती है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने दावा किया है कि अमेरिका ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और इसे ईरान की शर्तों पर समझौता बताया है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अमेरिका-ईरान संघर्ष में 2 हफ्ते के सीजफायर की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 15% की गिरावट आई है। बुधवार को कीमतें लगभग 15 डॉलर गिरकर 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं। यह पिछले 6 वर्षों में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
