ईरान की परमाणु क्षमताओं पर अमेरिका का बड़ा दावा
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
न्यूयॉर्क: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा है कि ईरान तकनीकी रूप से एक सप्ताह के भीतर बम-ग्रेड यूरेनियम तैयार करने की क्षमता रखता है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या ईरान के पास इसके लिए आवश्यक सामग्री, उपकरण या सक्रिय हथियार कार्यक्रम मौजूद हैं।
यूरेनियम संवर्धन पर चिंता
फॉक्स न्यूज को दिए गए एक इंटरव्यू में विटकॉफ ने कहा कि ईरान औद्योगिक स्तर पर बम बनाने योग्य यूरेनियम तैयार करने से “शायद एक हफ्ते दूर” है। उन्होंने इसे एक खतरनाक स्थिति बताते हुए कहा कि अमेरिका ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति नहीं देने के पक्ष में है।
अमेरिका और इजरायल का संयुक्त अभियान
जून 2025 में, अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था, जिसे ऑपरेशन मिडनाइट हैमर नाम दिया गया। इस अभियान में लगभग 20,000 सेंट्रीफ्यूज नष्ट करने और तीन प्रमुख परमाणु स्थलों को गंभीर नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया था।
ईरान की परमाणु क्षमता का आकलन
हमलों से पहले के आकलन के अनुसार, यदि ईरान चाहे तो वह लगभग एक सप्ताह में हथियार-ग्रेड यूरेनियम तैयार कर सकता है, लेकिन उसे मिसाइल में फिट करने योग्य बम विकसित करने में तीन से छह महीने का अतिरिक्त समय लग सकता था। पहले यह समयसीमा लगभग दो वर्ष मानी जाती थी, लेकिन अब यह काफी घट गई है, जिससे इजरायल की चिंताएं बढ़ गई हैं।
ट्रंप की जीरो एनरिचमेंट नीति
विटकॉफ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के साथ किसी भी समझौते में “जीरो एनरिचमेंट” नीति चाहते हैं, जिसका मतलब है कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन सीमित और कड़ी निगरानी के तहत नागरिक उपयोग के लिए एनरिचमेंट पर विचार कर सकता है।
ईरान में विरोध प्रदर्शन
इस बीच, ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जहां छात्रों ने इस्लामिक शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। विटकॉफ ने निर्वासित शहजादे रेजा पहलवी का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपने देश की परवाह करते हैं, लेकिन ईरान का भविष्य अमेरिकी नीतियों से भी प्रभावित होगा।
लेबनान में हिज़्बुल्लाह की गतिविधियाँ
अरब मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान में हिज़्बुल्लाह की सैन्य तैयारियों की निगरानी अब सीधे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) कर रही है। हाल ही में आईआरजीसी के अधिकारी लेबनान पहुंचे हैं और सैन्य ढांचे के पुनर्निर्माण के साथ-साथ रणनीतिक योजनाओं की निगरानी कर रहे हैं।
ईरान का यूरोपीय संघ के खिलाफ कदम
ईरान ने यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की नौसेना और वायु सेना को “आतंकी संगठन” घोषित कर दिया है। यह कदम यूरोपीय संघ द्वारा आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के जवाब में उठाया गया है।
ईरान के राष्ट्रपति का बयान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय एकता और लचीलेपन के लिए प्रतिबद्ध है और परमाणु वार्ता के दौरान बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने देशवासियों से मतभेद भुलाकर एकजुट रहने की अपील की।
अमेरिकी सैन्य तैनाती और वार्ता
यह बयान पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य तैनाती बढ़ने और वॉशिंगटन-तेहरान के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता के दो दौर के बाद आया है, जिनमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिकी प्रतिबंधों में संभावित राहत पर चर्चा हुई थी।
