ईरान की प्रतिक्रिया से ट्रंप की भारत पर टिप्पणी का पलटा नैरेटिव
हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को नर्क कहने वाली एक विवादास्पद पोस्ट साझा की, जिसके बाद ईरान ने एक अप्रत्याशित और तीखी प्रतिक्रिया दी। ईरान ने भारत और चीन का बचाव करते हुए ट्रंप की टिप्पणी को ऐतिहासिक अज्ञानता बताया। इस विवाद ने वैश्विक कूटनीति में एक नया मोड़ ला दिया है, जिससे अमेरिका भी बैकफुट पर आता दिख रहा है। जानें इस दिलचस्प घटनाक्रम के बारे में और अधिक।
| Apr 24, 2026, 11:22 IST
ट्रंप की विवादास्पद टिप्पणी और ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत को नर्क कहने वाला एक पोस्ट साझा किया, जिसके बाद ईरान ने एक अप्रत्याशित प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने सोचा कि उन्होंने एक बयान देकर बहस शुरू कर दी है, लेकिन ईरान ने अपनी प्रतिक्रिया से पूरी स्थिति को बदल दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे वैश्विक कूटनीति में एक हाई वोल्टेज शो चल रहा हो, जिसका शीर्षक है 'हेलहोल्ड डिप्लोमेसी'। ट्रंप के इस बयान पर भारत ने पहले संयम बरता, जबकि चीन ने दूरी बनाए रखी। लेकिन ईरान ने मंच पर आते ही ऐसा जवाब दिया कि पूरा नैरेटिव पलट गया। यह केवल एक प्रतिक्रिया नहीं थी, बल्कि एक मजबूत पलटवार था। सबसे दिलचस्प यह है कि इस विवाद में भारत के समर्थन में सबसे तीखी प्रतिक्रिया ईरान से आई है, जो अमेरिका के साथ अपने तनावपूर्ण संबंधों के लिए जाना जाता है।
ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट और ईरान का बचाव
23 अप्रैल को ट्रंप की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इस विवाद को जन्म दिया। यह पोस्ट अमेरिकी रेडियो होस्ट माइकल सेवेज के कार्यक्रम से संबंधित थी, जिसमें अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता पर चर्चा की गई थी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में जन्म लेने वाला बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है और फिर अपने परिवार को भारत या चीन जैसे देशों से लाता है। इस पोस्ट में भारतीय और चीनी प्रवासियों को 'गैंगस्टर' कहा गया और आरोप लगाया गया कि वे टेक उद्योग में अमेरिकी नौकरियों पर कब्जा कर रहे हैं। इस प्रकार, ट्रंप ने अमेरिका की घरेलू बहस में भारत और चीन को घसीट लिया। इसके बाद ईरान ने न केवल भारत और चीन का बचाव किया, बल्कि ट्रंप पर सीधा और तीखा हमला भी किया। हैदराबाद स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत और चीन सभ्यता की जन्मस्थली हैं।
ईरान का स्पष्ट संदेश और अमेरिका की प्रतिक्रिया
ईरान ने स्पष्ट किया कि भारत और चीन का अपमान करना केवल कूटनीति का नहीं, बल्कि ऐतिहासिक अज्ञानता का भी प्रतीक है। भारत और चीन वे सभ्यताएं हैं जिन्होंने दुनिया को दर्शन, योग, आयुर्वेद और अन्य कई चीजें दी हैं। इन्हें नर्क कहना ठीक वैसा ही है जैसे ताजमहल को केवल एक पुरानी इमारत कहना। इस सबके बाद अमेरिका भी बैकफुट पर आता दिखा। अमेरिकी दूतावास ने तुरंत सफाई दी, जिसमें प्रवक्ता क्रिस्टोफर एलेम्स ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को एक महान देश बताया है और कहा है कि वहां उनके बहुत अच्छे दोस्त हैं। यह बयान ट्रंप की पिछली पोस्ट से काफी भिन्न था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अमेरिका भारत जैसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार को खोना नहीं चाहता।
