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ईरान की युद्ध तैयारी: मछली बम और मिसाइलों का जखीरा

ईरान ने युद्ध के दूसरे चरण के लिए अपनी तैयारियों का एक नया वीडियो जारी किया है, जिसमें मछली बम और मिसाइलों का जखीरा शामिल है। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने का दावा किया है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के पास अभी भी हजारों मिसाइलें और ड्रोन हैं, जो दुश्मनों के खिलाफ हमले के लिए तैयार हैं। क्या यह स्थिति मध्य पूर्व में फिर से संघर्ष को जन्म देगी? जानें पूरी कहानी में।
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ईरान की युद्ध तैयारी: मछली बम और मिसाइलों का जखीरा

ईरान की नई सैन्य रणनीति

ईरान ने युद्ध के दूसरे चरण के लिए अपनी तैयारियों का एक नया वीडियो जारी किया है। इस बार, ईरान के पास एक अनोखा मछली बम है, जो समुद्र में दुश्मनों को तबाह करने की क्षमता रखता है। यह बम पानी के भीतर तैरता है और अपने लक्ष्य को नष्ट कर देता है। ईरान ने अमेरिका को इस बम के प्रभाव का प्रदर्शन किया है।


वीडियो में ईरान की अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी को दिखाया गया है, जहां अत्याधुनिक मिसाइलें और ड्रोन मौजूद हैं। आईआरजीसी के एयररोस्पेस कमांडर जनरल मौसवी ने इस वीडियो को साझा किया है। अमेरिका ने इजराइल को चेतावनी दी है कि ईरान ने अपनी मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को तेजी से बढ़ाया है।


अमेरिका और ईरान के बीच तनाव

अमेरिका की मांगों को ईरान ने ठुकरा दिया है, जिससे मध्य पूर्व में फिर से संघर्ष की संभावना बढ़ गई है। ट्रंप ने ईरान पर दबाव डालते हुए कहा है कि यदि वे शांति वार्ता नहीं करते हैं, तो हमले होंगे। हाल ही में, अमेरिकी नौसेना ने ईरानी जहाज पर फायरिंग की, जबकि ईरान ने पाकिस्तान को शांति वार्ता के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने से मना कर दिया है।


ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका की बार-बार बदलती शर्तें शांति स्थापित नहीं कर सकतीं। ईरान ने पहले चरण में अमेरिकी और इजराइली लक्ष्यों पर हमले किए थे, और अब वह फिर से अपनी सैन्य क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए तैयार है।


ईरान की सैन्य ताकत

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के प्रयासों के बावजूद, ईरान की सैन्य क्षमता अभी भी मजबूत है। ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी से हथियारों को निकालना शुरू कर दिया है। कई हफ्तों की लड़ाई के बाद भी, ईरान के पास अपने ड्रोन का लगभग 40% हिस्सा और 60% से अधिक सक्रिय मिसाइल लांचर हैं।


अप्रैल 2026 की रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान के पास लगभग 70% बैलिस्टिक मिसाइलें सुरक्षित हैं। यह दर्शाता है कि यदि युद्ध फिर से भड़कता है, तो ईरान के पास दुश्मनों के खिलाफ हमले के लिए पर्याप्त मिसाइलें हैं।