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ईरान के नए नेता मोजतबा खामेनेई का ठिकाना बना रहस्य

ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का ठिकाना रहस्य बना हुआ है। हाल ही में जारी एक वीडियो में वे छात्रों को धार्मिक विज्ञान पढ़ाते हुए नजर आए हैं। अमेरिका और इज़राइल के हमले के बाद से उनकी स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने भी उनकी जीवितता पर संदेह जताया है। इस बीच, मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हवाई हमले कर रहे हैं। जानें इस स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
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ईरान के नए नेता मोजतबा खामेनेई का ठिकाना बना रहस्य

ईरान के नए सर्वोच्च नेता का वीडियो जारी

ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के ठिकाने को लेकर रहस्य बना हुआ है। इसी बीच, ईरानी सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी किया, जिसमें वे छात्रों को अरबी में 'धार्मिक विज्ञान' पढ़ाते हुए नजर आ रहे हैं। यह एक मिनट उन्नीस सेकंड का वीडियो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) द्वारा जारी किया गया है, लेकिन इसकी रिकॉर्डिंग की तारीख की पुष्टि नहीं की गई है। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि यह वीडियो पुराना हो सकता है। आईआरआईबी ने इस वीडियो को पहली बार प्रकाशित किया है जिसमें अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई धार्मिक विज्ञान पढ़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं।


मोजतबा खामेनेई के ठिकाने पर सवाल

मोजतबा खामेनेई के ठिकाने को लेकर रहस्य बना हुआ

अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हवाई हमले में अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद मोजतबा खामेनेई ईरान के नए सर्वोच्च नेता बने हैं। इस हमले के बाद से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें भी यकीन नहीं है कि मोजतबा जीवित हैं या नहीं, क्योंकि किसी ने उन्हें नहीं देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि वेनेज़ुएला की तरह ईरान के नए नेता के चुनाव में भी उन्हें शामिल किया जाना चाहिए। पिछले हफ्ते एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि हमें नहीं पता कि वे जीवित हैं या मृत। कई लोग कह रहे हैं कि उनका चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया है और वे गंभीर रूप से घायल हैं।


मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति

मध्य पूर्व में तनाव बरकरार

इस बीच, मध्य पूर्व में तनाव जारी है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हवाई हमले कर रहे हैं। अमेरिका ने ईरानी शासन के खिलाफ और हमले करने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि देश नए मिसाइल बनाने का कार्य जारी रखेगा और संघर्ष जारी रहने पर जोर दिया है। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, आईआरजीसी के जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कहा, "ये लोग चाहते हैं कि युद्ध तब तक चलता रहे जब तक दुश्मन पूरी तरह से कमजोर न हो जाए। यह युद्ध तभी समाप्त होना चाहिए जब देश से युद्ध का साया हट जाए।


वीडियो का ट्वीट