ईरान के पूर्व कमांडर की ट्रंप को चेतावनी: युद्ध की स्थिति में तैयार रहें
ईरान के पूर्व आईआरजीसी कमांडर मोहसिन रजाई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक कड़ी चेतावनी दी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि ईरान युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। रजाई ने ट्रंप की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईरान बातचीत के लिए गंभीर है, लेकिन अगर स्थिति बिगड़ती है, तो परिणाम गंभीर होंगे। उन्होंने ट्रंप के बैक डोर समझौते और ईरान में बढ़ती मौतों की संख्या पर भी प्रकाश डाला। जानिए इस तनावपूर्ण स्थिति का पूरा विवरण।
| Jan 16, 2026, 17:00 IST
ईरान का कड़ा संदेश
ईरान के एक प्रमुख नेता और पूर्व आईआरजीसी कमांडर मोहसिन रजाई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने हाल ही में अमेरिका की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रंप और उनकी टीम को यह नहीं पता कि वे वास्तव में क्या चाहती हैं। रजाई ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए गंभीर है, लेकिन हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार भी है। उन्होंने ट्रंप के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि यदि ट्रंप का हाथ ट्रिगर पर है, तो हम उनका हाथ और उंगली काट देंगे। यह केवल गुस्से का इजहार नहीं था, बल्कि एक खुली चेतावनी भी थी। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रंप को पीछे हटना चाहिए और आगे नहीं बढ़ना चाहिए, क्योंकि यदि ईरान आगे बढ़ा, तो युद्ध विराम नहीं होगा।
ईरान की स्थिति
रजाई ने कहा कि अगर ईरान फिर से युद्ध की स्थिति में आता है, तो अमेरिका को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने ईरान की जनता को समझदार और नेक बताया, जो युद्ध नहीं चाहती, लेकिन यदि स्थिति बिगड़ती है, तो और भी घटनाएं घट सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, क़तर, तुर्की और इराक के साथ अपने संबंध बनाए रखेगा, लेकिन इन देशों में अमेरिकी ठिकाने सुरक्षित नहीं होंगे।
ट्रंप का बैक डोर समझौता
हाल ही में खबर आई है कि ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को मदद भेजने का वादा करके खामने के साथ एक बैक डोर समझौता किया है। बताया जा रहा है कि ट्रंप ने तेहरान को फोन किया और रात करीब 1:00 बजे यह ऐलान किया कि वह ईरान पर हमला नहीं करेंगे। हालांकि, इस डील के लिए ट्रंप ने कुछ शर्तें रखी थीं, जिन्हें ईरान ने तुरंत पूरा कर दिया। ईरान के राजदूत अमीरी मोगदाम ने इस फोन कॉल की जानकारी दी है।
अमेरिका का संदेश
ट्रंप ने ईरान को यह संदेश भेजा कि अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करना चाहता, लेकिन ईरान को संयम बरतने और अमेरिकी हितों को निशाना न बनाने की चेतावनी दी। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों की फांसी की सजा को रद्द करने की शर्त भी रखी। इसके बाद, ईरान ने सुबह होते ही यह घोषणा की कि प्रदर्शनकारियों की फांसी रोक दी गई है। इस बीच, मानवाधिकार संगठनों ने दावा किया है कि ईरान में मौतों की संख्या बढ़कर 3000 से अधिक हो गई है, और इंटरनेट बंद होने का एक सप्ताह बीत चुका है।
