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ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायल का हमला, वैश्विक तेल कीमतों में उछाल

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच, इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया है, जिससे वैश्विक तेल कीमतों में तेजी आई है। ईरान ने प्रतिशोध की चेतावनी दी है, और इसके परिणामस्वरूप भारत सहित पूरी दुनिया में चिंता बढ़ गई है। जानें इस संघर्ष का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
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ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायल का हमला, वैश्विक तेल कीमतों में उछाल

मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति


मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के लगभग तीन सप्ताह बीत चुके हैं, और दोनों पक्षों के बीच बमबारी का सिलसिला जारी है। इस बीच, इजरायल ने बुधवार को ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया, जिसे विश्व का सबसे बड़ा गैस क्षेत्र माना जाता है। इस हमले के परिणामस्वरूप क्षेत्र में आग लग गई है, और ईरान ने प्रतिशोध की चेतावनी दी है।


ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान ने कहा है कि वह खाड़ी देशों के ऊर्जा स्थलों को निशाना बनाएगा और इस हमले का बदला लेने की बात कही है। इस संघर्ष की लपटों में अब केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया शामिल हो चुकी है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी से वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।


इजरायल का हमला और अमेरिका की भूमिका

इजरायल के इस हमले के बारे में रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिका को पहले से इसकी जानकारी थी, लेकिन उसने इसमें कोई भूमिका नहीं निभाई। हमले में असालुयेह के प्रोसेसिंग प्लांट्स, पाइपलाइंस और फेज 3, 4, 5 और 6 में आग लग गई है, जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ है।


आग बुझाने के प्रयास

आपातकालीन टीमों को आग बुझाने के लिए तैनात किया गया है। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी है कि वे सऊदी अरब, यूएई और कतर के पांच ऊर्जा स्थलों को अपने लक्ष्यों में शामिल करेंगे। इनमें सऊदी की SAMREF रिफाइनरी, जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, यूएई का अल होसन गैस फील्ड, कतर की रास लाफान रिफाइनरी और मेसईद कॉम्प्लेक्स शामिल हैं।


ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में वृद्धि

ईरान ने चेतावनी दी है कि आने वाले घंटों में हमले हो सकते हैं, जिससे बाजार में हलचल मच गई है। वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 109-110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो मंगलवार की तुलना में 5% से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। यूके गैस की कीमत भी 6% बढ़कर 143 पेंस प्रति थर्म तक पहुंच गई, हालांकि बाद में यह थोड़ी कम हुई।


भारत पर संभावित प्रभाव

साउथ पार्स वैश्विक गैस आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। हमले के कारण उत्पन्न रुकावटों के चलते चिंता बढ़ गई है, जिससे भारत में भी तेल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, भारत ने अभी तक स्थिति को नियंत्रित रखा है, लेकिन भविष्य में इसका अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कतर ने इस हमले की निंदा की है और इसे खतरनाक तथा गैर-जिम्मेदाराना बताया है।