ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल संघर्ष: भारत ने खंडन किया मैकग्रेगर का दावा
संघर्ष का छठा दिन
नई दिल्ली: अमेरिका और इजराइल के बीच ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब छठे दिन में प्रवेश कर चुका है, और कोई भी पक्ष पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। 28 फरवरी को शुरू हुए हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। इसके जवाब में, ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं।
भारत का स्पष्ट खंडन
इस बीच, अमेरिकी सेना के पूर्व कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिकी नौसेना भारतीय बंदरगाहों से ईरान पर हमले कर रही है। भारत ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया और इसे झूठा करार दिया। युद्ध के कारण तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे लाखों यात्री फंसे हुए हैं।
विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट ने वन अमेरिका न्यूज नेटवर्क पर मैकग्रेगर के बयान को 'फेक और फॉल्स' बताया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत इस संघर्ष में किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं कर रहा है और ऐसे बेबुनियाद दावों से बचने की सलाह दी।
Fake News Alert!
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) March 4, 2026
Claims being made on OAN, a US based channel that Indian ports are being used by the US Navy are fake and false. We caution you against such baseless and fabricated comments. pic.twitter.com/xiFWnkoXBk
मैकग्रेगर का विवादास्पद बयान
पूर्व अमेरिकी सेना कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने कहा कि अमेरिकी नौसैनिक अड्डे और बंदरगाह नष्ट हो चुके हैं, जिससे अमेरिकी नौसेना भारतीय बंदरगाहों पर निर्भर हो गई है। उन्होंने इसे 'आदर्श से कम' बताया। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और भारत की भूमिका पर सवाल उठने लगे।
युद्ध की स्थिति
युद्ध का 6वां दिन: यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के नेतृत्व, मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया। ईरान ने जवाबी हमले किए हैं। अब तक ईरान में 1,000 से अधिक, लेबनान में 70 से ज्यादा और इजराइल में करीब एक दर्जन मौतें हो चुकी हैं। ईरान ने बहरीन, कुवैत और इजराइल पर हमले किए हैं। तुर्की ने कहा कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल उसके हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले नाटो द्वारा रोक ली गई।
वैश्विक प्रभाव
ट्रंप की प्रतिक्रिया: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना की प्रशंसा की और कहा कि युद्ध में अच्छा प्रदर्शन हो रहा है। अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन ने युद्ध रोकने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इस संघर्ष के कारण वैश्विक तेल-गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जहाजरानी बाधित है और मध्य पूर्व में लाखों यात्री फंसे हुए हैं।
