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ईरान ने अमेरिका पर मानवतावादी विमान पर हमले का आरोप लगाया

ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने एक मानवतावादी विमान को निशाना बनाया, जो दवाइयां लेकर आ रहा था। इस हमले को युद्ध अपराध करार देते हुए ईरान ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। विमान के नुकसान और हमले में किसी की जान जाने की पुष्टि नहीं हुई है। भारत और ईरान के बीच चल रही मानवतावादी सहायता पर भी चर्चा की गई है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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ईरान ने अमेरिका पर मानवतावादी विमान पर हमले का आरोप लगाया

ईरान में मानवतावादी विमान पर हमले का आरोप

महान एयर का एक विमान, जो भारत की ओर आ रहा था, ईरान के मशहद एयरपोर्ट पर खड़ा था। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे अमेरिका की एयर स्ट्राइक में नुकसान पहुंचा है। यह जानकारी 30 मार्च को ईरानी स्रोतों के हवाले से एक समाचार एजेंसी द्वारा साझा की गई थी, लेकिन हमले की पुष्टि नहीं हुई थी। अब ईरान ने इस हमले का आरोप अमेरिका पर लगाया है, यह कहते हुए कि एक मानवतावादी विमान को निशाना बनाया गया। ईरान ने इसे युद्ध अपराध करार दिया है। बताया गया है कि यह विमान दिल्ली से दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री लेकर ईरान आ रहा था, लेकिन हमले के कारण यह मिशन शुरू नहीं हो सका। अमेरिका की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।


ईरान में स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दवाइयां और चिकित्सा सामग्री ले जा रहे विमान पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इसे युद्ध अपराध माना जाता है। इसके अलावा, किसी भी मानवतावादी कार्य में लगे नागरिक विमान को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों और मानवता के खिलाफ है। ईरान की सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन ने भी इस हमले की निंदा की है। दूतावास ने बताया कि यह विमान कई देशों से दवाइयां लेकर ईरान आया था और मशहद एयरपोर्ट पर उतरा था। शिकागो और मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के अंतरराष्ट्रीय नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि नागरिक विमानों की सुरक्षा के खिलाफ कोई भी कार्य एक अंतरराष्ट्रीय अपराध है।


जिनेवा के नियमों के अनुसार, आम लोगों से जुड़ी चीजों, विशेषकर मदद ले जा रहे विमानों पर हमला करना युद्ध अपराध माना जाता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस हमले में किसी की जान गई है या नहीं, और विमान को कितना नुकसान हुआ है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि विमान उड़ान भरने वाला था या केवल खड़ा था। अमेरिका की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।


इस बीच, भारत और ईरान के बीच चल रही मानवतावादी सहायता का उल्लेख करना आवश्यक है। हाल ही में नई दिल्ली से ईरान को सहायता भेजी गई थी, जिसे ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने प्राप्त किया था, ताकि वहां के स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को समर्थन मिल सके। एक रिपोर्ट के अनुसार, जिस महान एयरलाइन का उल्लेख किया जा रहा है, वह पहले से ही अमेरिका के प्रतिबंधों का सामना कर रही है। अमेरिका का आरोप है कि इसके संबंध आईआरजीसी से हैं, जबकि ईरान इन सभी आरोपों को हमेशा से खारिज करता आया है।