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ईरान में इजरायली हवाई हमलों के बाद युद्ध की स्थिति और बढ़ी

ईरान में इजरायली हवाई हमलों के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इजरायली सेना ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और वायु रक्षा प्रणाली को निशाना बनाया, जबकि ईरान ने जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। अमेरिका का कहना है कि ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। इस संघर्ष का असर आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है, जिससे वैश्विक चिंता बढ़ गई है। जानें इस युद्ध का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर हो रहा है और क्या युद्धविराम की कोई संभावना है।
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ईरान में इजरायली हवाई हमलों के बाद युद्ध की स्थिति और बढ़ी

इजरायली हवाई हमलों का नया वीडियो जारी

इजरायली सेना ने हाल ही में ईरान में किए गए हवाई हमलों का एक नया वीडियो साझा किया है। सेना के अनुसार, इन हमलों में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और एक वायु रक्षा प्रणाली को निशाना बनाया गया। बताया गया कि कुम शहर में स्थित यह मिसाइल लॉन्चर इजरायल पर हमले की योजना बना रहा था, जिसे समय पर नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा, इस्फहान क्षेत्र में एक वायु रक्षा प्रणाली को भी हवाई हमले में तबाह किया गया। इजरायली सेना का दावा है कि इन हमलों ने ईरान की संभावित मिसाइल कार्रवाई को पहले ही रोक दिया।


बंदर अब्बास में धमाकों की खबर

युद्ध के छठे दिन, ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में जोरदार धमाकों की सूचना मिली है। ये विस्फोट बंदर ए बहोनार क्षेत्र के पास हुए, जहां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर का एक महत्वपूर्ण ठिकाना है। यह क्षेत्र होरमुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित है, जो विश्व के प्रमुख समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। इसके साथ ही, ईरान के कई अन्य हिस्सों में भी हमलों की नई लहर शुरू हो गई है।


ईरान की जवाबी कार्रवाई

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई को तेज कर दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ जवाबी हमलों की 19वीं लहर शुरू करने का दावा किया है। ईरान ने आज एक बार फिर इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं, जिसके बाद तेल अवीव समेत कई क्षेत्रों में हवाई हमले के सायरन बज उठे। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई।


अमेरिका का बयान

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति ने ईरान को 'नियंत्रण से बाहर' बताते हुए कहा कि ईरान को पहले हमला करने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि इस सैन्य अभियान में ईरान के बीस से अधिक युद्धपोत नष्ट कर दिए गए हैं, जिनमें एक प्रमुख पनडुब्बी भी शामिल है। ईरानी मीडिया के अनुसार, पिछले सप्ताह से अब तक अमेरिकी और इजरायली हमलों में एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।


क्षेत्रीय स्थिति

पश्चिम एशिया इस समय भयानक युद्ध की आग में जल रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच का यह टकराव पूरे क्षेत्र को युद्धभूमि में बदल चुका है। आसमान से मिसाइलें गिर रही हैं, ड्रोन हमले हो रहे हैं और लड़ाकू विमान बमबारी कर रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि यदि यह युद्ध और फैलता है, तो इसके दूरगामी प्रभाव पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकते हैं।


आम नागरिकों पर प्रभाव

इस संघर्ष की सबसे भयावह कीमत आम नागरिक चुका रहे हैं। हमलों के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक मारे गए हैं और हजारों लोग घायल हुए हैं। कई शहरों में इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं। कुछ हमलों में स्कूलों और आवासीय क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे वैश्विक चिंता और आक्रोश बढ़ गया है।


राजनीतिक तनाव

राजनीतिक स्तर पर भी हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। अमेरिका में इस युद्ध को लेकर तीखी बहस चल रही है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह संघर्ष पूरे क्षेत्र को विनाश की ओर ले जा सकता है, जबकि अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि यह अभियान आवश्यक है और तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह कमजोर नहीं कर दिया जाता।


वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

इस युद्ध का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में तनाव बढ़ गया है और तेल बाजार में हलचल शुरू हो गई है। कई देशों ने अपने नागरिकों को युद्ध क्षेत्र से निकालने की तैयारी शुरू कर दी है।


युद्धविराम की अपील

दुनिया भर के कई देश और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं युद्धविराम की अपील कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल कूटनीतिक समाधान की कोई ठोस उम्मीद नजर नहीं आ रही। अमेरिका और इजरायल अपने सैन्य अभियान को जारी रखने के मूड में हैं, जबकि ईरान भी पूरी ताकत से जवाब देने की तैयारी में है।