ईरान में नए सुप्रीम लीडर का ऐलान: मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति
ईरान ने मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया है, जो आया अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। यह निर्णय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की बैठक में लिया गया। मोजतबा खामेनेई की राजनीतिक पृष्ठभूमि और उनके प्रभाव को देखते हुए, यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके नेतृत्व में ईरान की विदेश नीति में क्या बदलाव आएगा। अमेरिका और इजराइल की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में और अधिक जानकारी।
| Mar 9, 2026, 15:53 IST
ईरान में नए नेता की घोषणा
मिडिल ईस्ट में चल रहे गंभीर संघर्ष के बीच, ईरान से एक महत्वपूर्ण खबर आई है। ईरान ने अपने नए सुप्रीम लीडर की घोषणा की है, जो अब आया अली खामिनई के दूसरे बेटे मोजतबा खामेनेई होंगे। यह निर्णय ईरान की शक्तिशाली धार्मिक संस्था, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की एक विशेष बैठक में लिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में आया खामेनेई की मृत्यु के बाद, ईरान में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। अब इस सस्पेंस का अंत हो गया है, क्योंकि मोजतबा खामेनेई को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का तीसरा सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है। इस घोषणा को आया खामेनेई के आधिकारिक मीडिया हैंडल पर एक तस्वीर के साथ साझा किया गया, जिसमें मोजतबा खामेनेई ईरान के झंडे के साथ नजर आ रहे हैं।
मोजतबा खामेनेई का राजनीतिक सफर
मोजतबा खामेनेई को ईरान की राजनीति में एक प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता है, हालांकि वे हमेशा पर्दे के पीछे काम करते रहे हैं। उनका जन्म 1969 में मशहद में हुआ था, और वे उस समय बड़े हुए जब उनके पिता शाह के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय थे। युवावस्था में, उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में भी भाग लिया, जिसने उन्हें कट्टर राष्ट्रवादी विचारधारा के करीब ला दिया। धार्मिक शिक्षा के क्षेत्र में, मोजतबा ने कौम के इस्लामिक सेमिनारियों में अध्ययन किया है, जहां उन्हें शिया इस्लामी परंपरा में होजतुल इस्लाम का दर्जा प्राप्त है। हालांकि, उन्होंने कभी भी सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन सत्ता के गलियारों में उनका प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता है।
सुप्रीम लीडर का महत्व
मोजतबा खामेनेई अपने पिता के करीबी सलाहकारों में से एक रहे हैं और कई महत्वपूर्ण निर्णयों में उनकी भूमिका रही है। उन्हें अक्सर उनके पिता का गेटकीपर कहा जाता है, क्योंकि उनकी सुरक्षा एजेंसियों और इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के साथ मजबूत संबंध हैं। ईरान का सुप्रीम लीडर देश का सबसे महत्वपूर्ण पद होता है, जो विदेश नीति, रक्षा नीति और परमाणु कार्यक्रम जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अंतिम निर्णय लेता है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व के खिलाफ ईरान के भीतर विरोध हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अभी हाल ही में, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने सर्वसम्मति से मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान की सत्ता में कट्टरपंथी धारा अभी भी सक्रिय है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका और इजराइल इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। इजराइल पहले ही कह चुका है कि अगला सुप्रीम लीडर उनका टारगेट होगा। पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान की विदेश नीति में क्या बदलाव आएगा, खासकर अमेरिका और इजराइल के साथ चल रहे तनाव में।
ट्विटर पर आधिकारिक घोषणा
The representatives of the Assembly of Experts appointed and introduced Ayatollah Sayyid Mojtaba Hosseini Khamenei (may God protect him) as the Third Leader of the Sacred Islamic Republic of Iran under Article 108 of the Constitution. pic.twitter.com/gZgvEI7Ds2
— Khamenei Media (@Khamenei_m) March 8, 2026
