ईरान में नेतृत्व संकट: ट्रंप का बयान और हमले के परिणाम
ईरान के सर्वोच्च नेता पर हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में कहा कि शनिवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर हुए अमेरिकी और इजरायली हवाई हमले में उन व्यक्तियों की भी जान गई, जिन्हें अमेरिका ने खामेनेई के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में पहचाना था। इस हमले के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि इस्लामी गणराज्य का अगला नेता कौन होगा। ट्रंप ने रविवार रात अमेरिकी चैनल एबीसी न्यूज के संवाददाता जोनाथन कार्ल के साथ बातचीत में यह जानकारी साझा की।
ट्रंप ने कहा कि यह हमला इतना प्रभावी था कि इसने अधिकांश संभावित उत्तराधिकारियों को समाप्त कर दिया। उन्होंने बताया कि अब कोई भी उम्मीदवार जीवित नहीं है, क्योंकि सभी मारे जा चुके हैं।
हमले के परिणाम
ट्रंप ने पहले कार्ल को बताया था कि अमेरिका को ईरान के नए नेतृत्व के बारे में कुछ जानकारी है, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि हमले ने सभी प्रमुख व्यक्तियों को खत्म कर दिया है। ईरान की न्यायपालिका ने पुष्टि की है कि खामेनेई के शीर्ष सलाहकार अली शमखानी और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के प्रमुख जनरल मोहम्मद पाकपुर भी इस हमले में मारे गए। खामेनेई के परिवार के चार सदस्य, जिनमें उनकी बेटी और पोता शामिल हैं, भी इस हमले का शिकार हुए।
पेंटागन की रिपोर्ट
पेंटागन ने इस ऑपरेशन का नाम 'एपिक फ्यूरी' रखा है, जिसमें तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई और पांच गंभीर रूप से घायल हुए। प्रमुख उम्मीदवारों के बाहर होने के बाद, अब यह स्पष्ट नहीं है कि अगला नेता कौन बनेगा। ईरान के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन, न्यायपालिका के प्रमुख और संरक्षक परिषद के एक वरिष्ठ धर्मगुरु वाली एक अस्थायी परिषद अंतरिम रूप से सर्वोच्च नेता की शक्तियां संभालेगी। अयातुल्ला अलीरेज़ा अराफ़ी को फिलहाल अंतरिम नेता माना जा रहा है, लेकिन उनके भविष्य को लेकर भी ऑनलाइन चर्चा हो रही है, क्योंकि उन्होंने अभी तक कोई सार्वजनिक उपस्थिति नहीं दी है।
