ईरान में विद्रोह: भारतीय दूतावास ने नागरिकों को दी सुरक्षा सलाह
ईरान में जारी विद्रोह की स्थिति
ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ चल रहे विद्रोह में पिछले दो हफ्तों में 2,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच, अमेरिका से लगातार नई चेतावनियाँ आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने प्रदर्शन जारी रखें, यह कहते हुए कि मदद जल्द ही आएगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह मदद किस प्रकार की होगी।
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएँ बंद नहीं होतीं, तब तक किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं होगी और जिम्मेदार व्यक्तियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इन बयानों के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि ईरान पर किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन की संभावना है।
भारतीय दूतावास की सलाह
ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में, तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक नई सलाह जारी की है। यह सलाह सुरक्षा स्थिति में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए दी गई है। दूतावास ने भारतीय नागरिकों, जिसमें छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी और पर्यटक शामिल हैं, से कहा है कि यदि संभव हो तो वे देश छोड़ दें।
दूतावास ने यह भी बताया कि वे वाणिज्यिक उड़ानों सहित किसी भी उपलब्ध साधन से प्रस्थान कर सकते हैं।
सावधानी बरतने की सलाह
भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों से सतर्क रहने का अनुरोध किया है। उन्हें उन क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है जहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके अलावा, भारतीय नागरिकों को स्थानीय समाचारों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
दूतावास के संपर्क में रहने की आवश्यकता
भारतीय नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ नियमित संपर्क में रहें। दूतावास ने आपात स्थिति में संपर्क बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया है। सलाह में यह भी कहा गया है कि नागरिकों को अपने पासपोर्ट, पहचान पत्र और अन्य आव्रजन दस्तावेज़ हमेशा तैयार रखने चाहिए।
यदि किसी दस्तावेज़ीकरण से संबंधित सहायता की आवश्यकता हो, तो दूतावास से सीधे संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
रूबियो और जयशंकर के बीच बातचीत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी और विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन किया। इस बातचीत की जानकारी एस जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा की। उन्होंने बताया कि बातचीत में व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा पर चर्चा हुई। लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद भारतीय दूतावास द्वारा जारी की गई सलाह ने अटकलों को जन्म दिया है कि क्या रूबियो ने ईरान पर अमेरिकी योजनाओं का जिक्र किया।
