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ईरान में सत्ता परिवर्तन: मोजतबा खामनेई की स्थिति और IRGC का बढ़ता प्रभाव

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर है, और उनकी शक्ति पर इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का बढ़ता प्रभाव देखा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा का अपने जनरलों के साथ संपर्क सीमित है, जिससे सत्ता में खालीपन आ गया है। इस बीच, ईरान की सेना ने अमेरिका के साथ बातचीत को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जानें कैसे मोजतबा खामनेई की स्थिति और IRGC का नियंत्रण ईरान की राजनीति को प्रभावित कर रहा है।
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ईरान में सत्ता परिवर्तन: मोजतबा खामनेई की स्थिति और IRGC का बढ़ता प्रभाव

ईरान के नए सुप्रीम लीडर की गंभीर स्थिति

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई की स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक है। वे एक गुप्त स्थान पर चिकित्सा उपचार प्राप्त कर रहे हैं, और सुरक्षा कारणों से उनके संपर्क सीमित कर दिए गए हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनके एक पैर की तीन बार सर्जरी हो चुकी है और वहां कृत्रिम पैर का इंतजाम किया जा रहा है। उनके चेहरे और होठों पर गंभीर जलन के निशान हैं, जिससे उन्हें बोलने में कठिनाई हो रही है। इस बीच, ईरान में वास्तविक शक्ति अब इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के जनरल के हाथों में जाने का दावा किया जा रहा है।


IRGC का बढ़ता दबदबा

'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई का अपने सैन्य अधिकारियों के साथ संपर्क बहुत कम हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति का लाभ उठाकर 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) सत्ता पर नियंत्रण स्थापित कर रही है। 'चैटम हाउस' की विशेषज्ञ सनम वकील ने बताया कि खामनेई के बेटे मोजतबा के हाथों में पूरी तरह से नियंत्रण नहीं है। कई बार निर्णय पहले ही लिए जाते हैं और मोजतबा को केवल सूचित किया जाता है। 'इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप' के अली वाएज ने भी इस बात की पुष्टि की है कि मोजतबा वास्तव में IRGC के अधीन काम कर रहे हैं।


शासन में बदलाव

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ईरान की सेना (IRGC) ने अमेरिका के साथ बातचीत को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने ईरान की चुनी हुई नागरिक सरकार को दरकिनार कर दिया है, जिसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अरागची शामिल हैं। अली खामेनेई की संभावित मृत्यु के बाद, उनके बेटे मोजतबा ने सर्वोच्च नेता का पद संभाला है, लेकिन वे जनता के सामने नहीं आए हैं और न ही कोई बयान दिया है। कहा जा रहा है कि वे खुद को कमजोर दिखाने से बचना चाहते हैं।


सरकार का 'बोर्ड-स्टाइल' संचालन

ईरान में सत्ता के इस नए स्वरूप के बारे में पूर्व सलाहकार अब्दोलरेज़ा दावरी ने कहा कि मोजतबा देश को एक कंपनी के बोर्ड के 'डायरेक्टर' की तरह चला रहे हैं, जबकि सेना के जनरल उस बोर्ड के सदस्य हैं। यह स्थिति उनके पिता अली खामेनेई के शासन से बिल्कुल भिन्न है। पहले सभी निर्णय सर्वोच्च नेता के हाथ में होते थे, लेकिन अब सैन्य कमांडरों का प्रभाव बढ़ गया है। यह सब उस समय हो रहा है जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम लागू है, और दोनों देश फिर से बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, IRGC का बढ़ता नियंत्रण अमेरिका के साथ कूटनीति की सफलता की संभावनाओं को धुंधला कर रहा है।