ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी का लोकसभा में बड़ा बयान: ऊर्जा सुरक्षा पर क्या कहेंगे?
प्रधानमंत्री मोदी का महत्वपूर्ण संबोधन
नई दिल्ली: ईरान में चल रहे संघर्ष के चलते भारत में तेल, गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लोकसभा में एक महत्वपूर्ण बयान देने वाले हैं। यह संबोधन आज दोपहर 2 बजे शुरू होगा, जिसमें पीएम मोदी देशवासियों को बताएंगे कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत की ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति क्या है और सरकार ने इस चुनौती का सामना करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं।
उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा
रविवार को पीएमओ में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित मंत्रालयों से विस्तृत प्रजेंटेशन प्राप्त की। इस बैठक में तेल-गैस आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा, कृषि, बिजली उत्पादन, निर्यात, शिपिंग और वित्त जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की स्थिति पर गहन चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने इस दौरान देश की तैयारियों और भविष्य की रणनीति पर गहराई से जानकारी हासिल की।
लोकसभा में आज का अपडेट
आज दोपहर 2 बजे लोकसभा में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न हालातों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। विशेष रूप से, देश में पेट्रोल, डीजल, गैस, खाद और बिजली की उपलब्धता पर क्या असर पड़ रहा है, इसकी स्पष्ट तस्वीर पेश की जाएगी। साथ ही, सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों और भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
मीटिंग में फर्टिलाइजर की उपलब्धता पर जोर
सूत्रों के अनुसार, मीटिंग में विशेष रूप से फर्टिलाइजर की उपलब्धता पर जोर दिया गया। हाल के दिनों में देश में खाद की कमी की खबरें आई थीं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी खरीफ सीजन में किसी भी स्थिति में फर्टिलाइजर की कमी नहीं होनी चाहिए। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्टॉक और सप्लाई चेन को मजबूत करने के आदेश दिए गए।
बिजली उत्पादन पर विशेष ध्यान
बैठक में बिजली उत्पादन और वितरण पर भी विस्तार से चर्चा की गई। एलपीजी की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग इंडक्शन और इलेक्ट्रिक उपकरणों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। ऐसे में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी पावर प्लांट्स में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिजली उत्पादन में किसी भी तरह की गिरावट नहीं आने दी जाएगी।
संकट के बीच समन्वय की आवश्यकता
पीएम मोदी ने बैठक में सभी मंत्रालयों से समन्वय के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष से पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है, लेकिन भारत को ऐसे कदम उठाने होंगे जिससे देश के हितों की पूरी तरह रक्षा हो सके। पेट्रोकेमिकल्स, फार्मा और केमिकल सेक्टर में भी किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
