उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार: आशा मौर्य की भावनाएं सामने आईं
मंत्रिमंडल विस्तार में आशा मौर्य का नाम न होना
लखनऊ। आज उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया, जिसमें छह नए मंत्रियों को शामिल किया गया और दो लोगों को प्रमोट किया गया। इस विस्तार से पहले महमूदाबाद की विधायक आशा मौर्य का नाम चर्चा में था, लेकिन उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली, जिससे उन्होंने अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में उन्हें थोड़ी पीड़ा हुई है।
भाजपा विधायक आशा मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सभी पत्रकारों, शुभचिंतकों और समर्थकों का दिल से धन्यवाद करती हूँ। आपके समर्थन और आशीर्वाद ने मुझे समाज और संगठन के प्रति निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी है।
उन्होंने बताया कि पिछले 35 वर्षों से उन्होंने पार्टी और संगठन के लिए निष्ठा और ईमानदारी से काम किया है। जनसेवा और समाजहित के लिए निरंतर कार्य करना उनका जीवन का उद्देश्य है, और वे आगे भी इसी समर्पण के साथ कार्य करती रहेंगी।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में उन्हें थोड़ी पीड़ा हुई है, क्योंकि वर्षों की मेहनत और संघर्ष हर कार्यकर्ता के लिए भावनात्मक रूप से जुड़ी होती है। लेकिन यह पीड़ा उनके संकल्प को कमजोर नहीं करेगी, बल्कि समाज और संगठन के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को और मजबूत बनाएगी।
आगे उन्होंने कहा कि वे हमेशा पार्टी और संगठन के प्रति निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करती रहेंगी। समाज के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई वे पूरी मजबूती के साथ जारी रखेंगी।
गौरतलब है कि 2017 में उन्होंने महमूदाबाद विधानसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गई थीं। फिर 2022 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता नरेंद्र सिंह वर्मा को हराकर जीत हासिल की और महमूदाबाद की पहली महिला विधायक बनीं। विधायक के पति हरि प्रसाद मौर्य पेशे से वकील हैं और राजधानी में अपनी वकालत करते हैं।
