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उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी में भ्रष्टाचार का मामला फिर से उजागर

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में जल जीवन मिशन के तहत बन रही एक पानी की टंकी हाल ही में आंधी और बारिश के कारण लटक गई, जिससे भ्रष्टाचार के आरोप फिर से उठ खड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह घटना प्रदेश में पहले भी हुई कई टंकियों के गिरने की घटनाओं की कड़ी में एक और उदाहरण है। जानिए इस मामले में और क्या कुछ सामने आया है।
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उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी में भ्रष्टाचार का मामला फिर से उजागर

सिद्धार्थनगर में पानी की टंकी का हाल

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हुए भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। हाल ही में हल्की बारिश और तेज हवा के चलते एक निर्माणाधीन पानी की टंकी क्षतिग्रस्त होकर लटक गई। यह पहली बार नहीं है जब ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है; इससे पहले भी कई टंकियां प्रदेश में गिर चुकी हैं। यह घटना सिद्धार्थनगर के खुनियांव ब्लॉक के रामापुर विशुनपुर गांव में हुई, जहां सोमवार को आंधी और बारिश के कारण स्टील बॉडी ओवरहेड टैंक को नुकसान पहुंचा। आंधी के चलते टैंक का ऊपरी हिस्सा मुड़कर नीचे लटक गया। इस पर ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों को सूचित किया है।


सूत्रों के अनुसार, टैंक का निर्माण कार्य कई महीनों से चल रहा था। सोमवार को आई आंधी और बारिश ने निर्माणाधीन स्टील टैंक को गंभीर नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना दी और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत वाली जल जीवन मिशन योजना में ऐसी घटनाएं लोगों के विश्वास को कमजोर करेंगी। उन्होंने निर्माण सामग्री की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में कई पानी की टंकियां गिर चुकी हैं, जिससे जल जीवन मिशन के कार्यों पर सवाल उठ चुके हैं। इसके साथ ही, इस योजना में फैले भ्रष्टाचार के मामले भी उजागर हो चुके हैं। अब सिद्धार्थनगर में हवा के झोंके में पानी की टंकी लटकने के बाद ग्रामीणों ने गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।


पानी की टंकियों के गिरने की पूर्व घटनाएं
. सीतापुर के महमूदाबाद में (मई 2025) में चुनका गांव में 5.31 करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी भरभराकर गिर गई थी। इस मामले में जल जीवन मिशन के कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।

. महोबा (फरवरी 2026): 65 लाख रुपये की टंकी टेस्टिंग के अगले दिन ही फट गई/दरारें पड़ गईं। पानी फव्वारे की तरह बहने लगा।

. लखीमपुर खीरी (अप्रैल 2025): 3.5 करोड़ रुपये की ओवरहेड टैंक ट्रायल के दौरान फट गई थी।