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उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पर विवाद: विपक्ष ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के पहले चरण के बाद, विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 2.89 करोड़ नामों के कटने के बाद, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने इस मुद्दे पर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और विपक्ष की प्रतिक्रिया।
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उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पर विवाद: विपक्ष ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

विपक्ष का चुनाव आयोग पर हमला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण के बाद जारी मसौदा मतदाता सूची को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखे आरोप लगाए हैं। उल्लेखनीय है कि इस प्रक्रिया में 2.89 करोड़ नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इस पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'चुनाव आयोग को मैनपुरी में एसआईआर से हटाए गए वैध नामों को लेकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि मतदाताओं का गुस्सा आंदोलन का रूप न ले सके।'


कांग्रेस और सपा की प्रतिक्रिया

कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, 'हमारी चिंताएं सही साबित हुई हैं। लगभग तीन करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जो लोकतंत्र की हत्या है। भाजपा चाहे जो भी प्रयास करे, उत्तर प्रदेश में उसका सफाया निश्चित है।' वहीं, सपा नेता फखरुल हसन चांद ने कहा, 'समाजवादी पार्टी पीडीए वोटों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हम इसे सुनिश्चित करेंगे। इस मुद्दे पर हमारी सतर्कता बनी रहेगी, और वोटरों की पहचान के लिए आधार कार्ड को वोटर कार्ड से जोड़ने की आवश्यकता है।'