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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027: पोस्टर वॉर में शरद यादव का पलटवार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। शरद यादव ने अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों का जवाब देते हुए नए पोस्टर जारी किए हैं। इन पोस्टरों में 2017 से 2026 तक के अपराधों का जिक्र किया गया है, जिससे प्रदेश की राजनीतिक गर्मी और बढ़ गई है। शरद यादव ने छात्रों के मुद्दों पर भी सरकार को घेरने का प्रयास किया है। जानें इस सियासी हलचल के बारे में और क्या है इसके पीछे की कहानी।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027: पोस्टर वॉर में शरद यादव का पलटवार

सियासी हलचल और पोस्टर वॉर


लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। चुनावी माहौल में पोस्टर वॉर की शुरुआत हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के नेता शरद यादव ने अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों का जवाब दिया है। इन पोस्टरों को शहर के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शित किया गया है, जिसमें लिखा गया है कि, 2017 से 2026 तक का हिसाब होगा।


इससे पहले, अखिलेश यादव के खिलाफ एक पोस्टर लगाया गया था, जिसमें उल्लेख था कि सपा का 2012-2017 का 'ल्यारी राज' ना भूले हैं और ना भूलेंगे। ये पोस्टर वीवीआईपी गेस्ट हाउस सहित अन्य स्थानों पर लगाए गए थे, जिसमें अखिलेश यादव की सरकार को धुरंधर फिल्म के 'ल्यारी राज' से जोड़ा गया था। अब इस पर शरद यादव ने भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जोरदार पलटवार किया है।


शरद यादव ने समाजवादी पार्टी के कार्यालय और अन्य स्थानों पर नए पोस्टर लगाए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश में घटित अपराधों की खबरों की कटिंग शामिल है। इसके साथ ही लिखा गया है, 'अजय विष्ट का 2017—2026... न भूलें हैं न भूलने देंगे... हिसाब होगा।' इस पोस्टर के चलते प्रदेश की राजनीतिक गर्मी और बढ़ गई है।


ज्ञात हो कि शरद यादव अक्सर छात्रों के मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने पहले भी कई बार छात्रों के मुद्दों को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ज्ञापन दिए हैं। अब उन्होंने पोस्टर के माध्यम से योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।