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उत्तर भारत में ठंड और कोल्ड वेव की स्थिति: स्वास्थ्य और सुरक्षा पर प्रभाव

उत्तर भारत में इस समय भीषण ठंड और कोल्ड वेव की स्थिति बनी हुई है, जिससे स्वास्थ्य, कृषि और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों में कोल्ड वेव और घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। मैदानी क्षेत्रों का तापमान पहाड़ी क्षेत्रों से भी कम हो गया है, जिससे लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो रही है। ठंड के कारण स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने की आशंका है, और हीटर के उपयोग में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। जानें इस स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
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उत्तर भारत में ठंड और कोल्ड वेव की स्थिति: स्वास्थ्य और सुरक्षा पर प्रभाव

भीषण ठंड का प्रकोप


नई दिल्ली: उत्तर भारत इस समय अत्यधिक ठंड का सामना कर रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली एनसीआर सहित कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के लिए कोल्ड वेव और घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। यह चिंताजनक है कि मैदानी क्षेत्रों का तापमान पहाड़ी क्षेत्रों से भी कम हो गया है। ठंड का प्रभाव न केवल दैनिक जीवन पर पड़ रहा है, बल्कि यह स्वास्थ्य, कृषि और सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।


कोल्ड वेव की चेतावनी

IMD के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गंभीर कोल्ड वेव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तराखंड और सौराष्ट्र कच्छ के कुछ क्षेत्रों में भी ठंडी हवाओं का प्रभाव रहेगा। यह स्थिति कम से कम दो दिनों तक बनी रह सकती है। झारखंड में भी कोल्ड वेव गुरुवार तक जारी रहने की संभावना है।


मैदानी क्षेत्रों में ठंड का रिकॉर्ड

मैदान पहाड़ से ज्यादा ठंडे


इस बार ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को शिमला में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं, दिल्ली में तापमान 3 से 4.2 डिग्री तक गिर सकता है। चंडीगढ़ और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में भी यही स्थिति देखी जा रही है। यह बदलाव लोगों के लिए असामान्य और चिंताजनक साबित हो रहा है।


कोहरे की समस्या

कोहरा और दृश्यता की समस्या


ठंड के साथ घना कोहरा भी एक बड़ी समस्या बन गया है। IMD ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, राजस्थान, उत्तराखंड और उप हिमालयी पश्चिम बंगाल में घने कोहरे की चेतावनी दी है। यह स्थिति 15 जनवरी तक बनी रह सकती है। कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ने की आशंका है।


स्वास्थ्य पर प्रभाव

स्वास्थ्य और खेती पर असर


IMD के अनुसार, कोल्ड वेव से सर्दी, जुकाम, नाक बहना और नाक से खून आने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अधिक ठंड में शरीर कांपना खतरे का पहला संकेत है। लंबे समय तक ठंड में रहने से फ्रॉस्टबाइट का खतरा बढ़ जाता है। इसका प्रभाव फसलों, पशुधन, पानी की आपूर्ति, बिजली और परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।


हीटर के उपयोग में सावधानी

हीटर और अंगीठी से बढ़ता खतरा


भीषण ठंड के बीच हीटर और अंगीठी जानलेवा साबित हो रहे हैं। दिल्ली के मुकुंदपुर में एक परिवार की आग लगने से मौत हो गई। पुलिस को शक है कि रूम हीटर से शॉर्ट सर्किट हुआ। पंजाब के तरनतारन में बंद कमरे में अंगीठी जलाने से एक दंपती और उनके नवजात बच्चे की दम घुटने से मौत हो गई। विशेषज्ञ सुरक्षित उपयोग की सलाह दे रहे हैं। उत्तर भारत में ठंड फिलहाल राहत के संकेत नहीं दे रही है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।