उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में 28 प्रस्तावों पर लगी मुहर, बजट में 10% की वृद्धि
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 28 प्रस्तावों पर सहमति बनी। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट में 10% की वृद्धि की गई है, जिससे कुल बजट 1.11 लाख करोड़ रुपये होगा। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जैसे उच्च शिक्षा योजना में नए महाविद्यालयों को शामिल करना और पर्यावरण अभियंताओं के पदों का सृजन। जानें इस बैठक के सभी प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
| Feb 25, 2026, 16:19 IST
मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक
उत्तराखंड: बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कुल 28 प्रस्तावों पर सहमति बनी है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पर भी मंत्रिमंडल ने अपनी स्वीकृति दी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बजट में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे कुल बजट 1.11 लाख करोड़ रुपये होगा। इसके साथ ही, बजट में संशोधन के लिए मुख्यमंत्री धामी को अधिकृत किया गया है।
धामी कैबिनेट बैठक के मुख्य बिंदु
- आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1.11 लाख करोड़ का बजट पेश किया जाएगा। कैबिनेट ने इस पर मुहर लगाई और संशोधन के लिए सीएम धामी को अधिकृत किया।
- यूआईआईडीबी के ढांचे में 14 नए पदों का सृजन और सहायक महाप्रबंधक लेखा/लेखाकर का पदनाम बदलने की मंजूरी दी गई।
- मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को शामिल करने का निर्णय लिया गया।
- उच्च शिक्षा विभाग के तहत स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड पुस्तकालय योजना को मंजूरी मिली।
- उत्तराखंड वन विभाग सर्वेक्षक सेवा नियमावली 2010 में संशोधन किया गया।
- शहरी विकास विभाग के तहत सभी 11 नगर निगमन में पर्यावरण अभियंता के पदों का सृजन किया जाएगा।
- सेब की नर्सरी विकास योजना 2026 को मंजूरी दी गई।
- मौन पालन नीति 2026 को भी स्वीकृति मिली।
- मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान के तहत 3 से 6 साल के बच्चों के लिए नई सामग्रियों को शामिल करने का निर्णय लिया गया।
- महिला पोषण योजना में अंडा, दूध और केला के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
- उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का 24वां वार्षिक प्रतिवेदन सदन में पेश करने की मंजूरी दी गई।
- माल एवं सेवा कर अपीलीय अधिकरण की राज्यपीत को देहरादून में बनाए रखने और हल्द्वानी में एक अतिरिक्त राज्य पीठ की स्थापना को मंजूरी मिली।
- उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक को विधानसभा में पुनर्स्थापित करने की स्वीकृति दी गई।
- सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो को औद्योगिक विकास से ट्रांसफर कर वित्त विभाग के अंतर्गत गठित करने की मंजूरी मिली।
- विश्व बैंक द्वारा पोषित उत्तराखंड दक्ष जलापूर्ति कार्यक्रम के क्रियान्वयन को मंजूरी दी गई।
- उत्तराखंड में उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग हेतु नीति 2026 को स्वीकृति मिली।
- उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई।
- उत्तराखंड चकबंदी अधिष्ठान के तहत बंदोबस्त अधिकारी के पद का सृजन किया गया।
- उत्तराखंड दुकान एवं स्थापन (रोजगार विनियम एवं सेवा- शर्त) (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा में पुनर्स्थापित करने की मंजूरी दी गई।
- समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक, 2026 को स्वीकृति मिली।
- उत्तराखंड स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट आदि के लिए नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई।
- किशोर न्याय अधिनियम के तहत राज्य स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष और सदस्यों को मानदेय देने का निर्णय लिया गया।
- कारागार प्रशासन में लिपिक/मिनिस्ट्रीयल संवर्ग के पदों के ढांचे में पुनर्गठन को मंजूरी दी गई।
- देहरादून, उधमसिंह नगर और नैनीताल में 3 अतिरिक्त फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों की स्थापना को मंजूरी मिली।
- नैनीताल हाईकोर्ट और जिला न्यायालयों के लिए नए न्यायालय प्रबंधकों के पदों का सृजन किया गया।
- विश्व बैंक के सहयोग से सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को मजबूत करने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का गठन किया गया।
- उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दी गई।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 4 विशेष शिक्षकों को नियमित नियुक्ति की मंजूरी दी गई।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि बैठक में 32 मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से 28 प्रस्तावों पर सहमति बनी। आगामी विधानसभा बजट सत्र में पेश होने वाले बजट पर भी चर्चा की गई।
