एलपीजी संकट: मोदी सरकार की दावों के बावजूद आम जनता परेशान
एलपीजी संकट की गंभीरता
एलपीजी संकट: मोदी सरकार के अनेक दावों के बावजूद, देश में एलपीजी की कमी ने आम लोगों की जिंदगी को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। सरकार कालाबाजारी और जमाखोरी पर काबू पाने के लिए कठोर कदम उठा रही है और नागरिकों तथा व्यवसायों को निरंतर आपूर्ति का आश्वासन दे रही है, लेकिन इसके विपरीत, सरकार के दावे वास्तविकता से दूर हैं।
'घर में छोटे बच्चे दूध नहीं पी रहे हैं। कई दिनों से लाइन में लगने पर भी हमें सिलेंडर नहीं मिल रहा, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है'
– ये कहते हुए एक बुजुर्ग फफक कर रो पड़े।
ये लोगों का दर्द है, जो नरेंद्र मोदी को नजर नहीं आ रहा है। उनका ध्यान सिर्फ अपनी नाकामी छिपाने में लगा है। pic.twitter.com/2O3W0Uiyt3
— कांग्रेस (@INCIndia) March 29, 2026
इस बीच, कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक समाचार क्लिप साझा की, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा, 'घर में छोटे बच्चे दूध नहीं पी रहे हैं। कई दिनों से लाइन में लगने के बावजूद हमें सिलेंडर नहीं मिल रहा है, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।' कांग्रेस ने इस पर टिप्पणी की कि यह लोगों का दर्द है, जो नरेंद्र मोदी की नजरों से ओझल है। उनका ध्यान केवल अपनी असफलताओं को छिपाने में लगा हुआ है।
