ओडिशा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को झटका: तीन विधायकों का निलंबन
ओडिशा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार
ओडिशा राज्यसभा चुनाव: हाल ही में ओडिशा में संपन्न राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के उम्मीदवार की हार के पीछे क्रॉस वोटिंग की वजह बताई जा रही है। कांग्रेस के तीन विधायकों ने पार्टी के निर्देशों की अनदेखी करते हुए भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे को वोट दिया। इस कारण पार्टी ने इन विधायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
निलंबित विधायकों की सूची
कांग्रेस ने तीन विधायकों को निलंबित किया है, जिनमें रमेश चंद्र जेना (सनाखेमुंडी), दसरथी गोमांगो (मोहाना) और सोफिया फिरदौस (बारबटी-कटक) शामिल हैं। ये सभी सोमवार को हुए मतदान में पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ गए। ओडिशा कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर कहा कि इन विधायकों ने पार्टी को धोखा दिया है, जो देश के साथ भी विश्वासघात है।
Ramesh Jena, MLA of Sana Khemundi, Sofia Firdous, MLA of Barabati Cuttack, and Dasarath Gamango, MLA of Mohahna, have been expelled from the party for defying the party whip and voting for a candidate supported by the BJP in the Rajya Sabha election. Those who betray Congress are… pic.twitter.com/KR8AgDLA7r
— Odisha Congress (@INCOdisha) March 17, 2026
पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया
ओडिशा कांग्रेस के मीडिया प्रभारी अरबिंद दास ने कहा कि इस घटना की जांच के बाद यह निर्णय लिया गया। सभी विधायकों को पहले से निर्देश दिए गए थे कि वे पार्टी के उम्मीदवार को वोट दें, लेकिन इन तीनों ने जानबूझकर इसका उल्लंघन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी और उन्होंने पार्टी के साथ गद्दारी की है। अब संविधान की 10वीं अनुसूची (एंटी-डिफेक्शन लॉ) के तहत इनकी विधायकी रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विधायकी रद्द करने की प्रक्रिया
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि इन विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के लिए विधानसभा स्पीकर को जल्द ही नोटिस दिया जाएगा। क्रॉस वोटिंग को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाता है, जिसके कारण विधायक अयोग्य घोषित हो सकते हैं और उनकी सीटें खाली हो सकती हैं।
राजनीतिक तनाव का माहौल
यह घटना ओडिशा की राजनीति में तनाव को बढ़ा रही है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के कारण निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे की जीत हुई, जबकि कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। पार्टी अब ऐसे बागियों पर कड़ी नजर रख रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
