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ओवैसी का विवादास्पद बयान: प्रधानमंत्री बनने का अधिकार सभी का

असदुद्दीन ओवैसी ने सोलापुर में एक रैली के दौरान कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार, सभी नागरिकों को प्रधानमंत्री बनने का अधिकार है। उन्होंने हिजाब पहनने वाली बेटियों के प्रधानमंत्री बनने का सपना साझा किया। भाजपा और शिवसेना ने उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जबकि ओवैसी ने नफरत की राजनीति पर भी हमला किया। उन्होंने कांग्रेस पर भी आरोप लगाया कि वह UAPA कानून के तहत कई विचाराधीन कैदियों की लंबी कैद के लिए जिम्मेदार है। इस बयान ने देश में धर्म, समानता और राजनीति पर नई बहस को जन्म दिया है।
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ओवैसी का विवादास्पद बयान: प्रधानमंत्री बनने का अधिकार सभी का

नई दिल्ली में ओवैसी का बयान


नई दिल्ली: AIMIM के नेता और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोलापुर में एक रैली के दौरान एक ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया। उन्होंने भारतीय संविधान की धर्मनिरपेक्षता का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को प्रधानमंत्री बनने से नहीं रोका जा सकता। ओवैसी के इस बयान पर भाजपा और शिवसेना ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया। इस बयान ने देश में प्रतिनिधित्व, समानता और राजनीति में धर्म की भूमिका पर नई बहस को जन्म दिया।


ओवैसी का सपना

सोलापुर की रैली में ओवैसी ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में स्पष्ट रूप से लिखा है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने। ओवैसी ने यह जोड़ा कि शायद वह उस दिन को न देख पाएं, लेकिन यह दिन जरूर आएगा जब ऐसा संभव होगा।


भारत और पाकिस्तान की संवैधानिक तुलना

पाकिस्तान से तुलना और संदेश


अपने भाषण में ओवैसी ने भारत और पाकिस्तान की संवैधानिक व्यवस्थाओं की तुलना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संविधान में स्पष्ट है कि केवल एक विशेष धर्म का व्यक्ति वहां प्रधानमंत्री बन सकता है। इसके विपरीत, भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है। ओवैसी ने कहा कि यही भारत की ताकत है और यही कारण है कि यहां किसी की पहचान उसके धर्म से नहीं, बल्कि नागरिक होने से तय होती है।


नफरत की राजनीति पर ओवैसी का हमला

नफरत की राजनीति पर हमला


ओवैसी ने अपने भाषण में मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने वालों पर भी सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलती। जो लोग मुसलमानों के खिलाफ जहर फैला रहे हैं, उनका अंत निश्चित है। उन्होंने कहा कि जब समाज में मोहब्बत बढ़ेगी, तब लोगों को समझ आएगा कि उनके दिमाग में किस तरह जहर भरा गया था। उनका कहना था कि नफरत का जवाब नफरत नहीं, बल्कि इंसाफ और बराबरी है।


भाजपा और शिवसेना की प्रतिक्रिया

भाजपा और शिवसेना का पलटवार


ओवैसी के बयान के बाद भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ओवैसी को चुनौती देते हुए कहा कि संविधान किसी को नहीं रोकता, लेकिन पहले ओवैसी अपनी पार्टी AIMIM का अध्यक्ष किसी पसमांदा मुस्लिम या हिजाब पहनने वाली महिला को बनाकर दिखाएं। वहीं, शिवसेना की प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के लिए कोई रिक्ति नहीं है और नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सर्वविदित है।


कांग्रेस पर ओवैसी का हमला

कांग्रेस पर भी साधा निशाना


ओवैसी ने रैली में कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने उमर खालिद और शरजील इमाम की लंबी कैद का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। ओवैसी का आरोप था कि UAPA कानून के कठोर प्रावधान कांग्रेस शासन के दौरान और मजबूत किए गए थे। उन्होंने कहा कि तत्कालीन गृह मंत्री पी चिदंबरम के समय किए गए संशोधनों के कारण कई विचाराधीन कैदी सालों तक जेल में बंद रहते हैं। ओवैसी ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।