कट्टा मैसम्मा मंदिर में विवाद: युवक ने धार्मिक स्थल पर किया अपमानजनक कृत्य
हैदराबाद में मंदिर परिसर में हुई घटना
हैदराबाद: शनिवार रात को हैदराबाद के कट्टा मैसम्मा मंदिर में एक गंभीर घटना घटित हुई, जिसने स्थानीय समुदाय में तनाव और आक्रोश उत्पन्न कर दिया। आरोप है कि एक 26 वर्षीय युवक मंदिर के परिसर में घुसकर वहां स्थित पवित्र पत्थर 'बोदेराई' के पास शौच कर दिया। इस कृत्य को श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था का अपमान मानते हुए विरोध किया, जिससे मामला बढ़ गया।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल गया, जिसमें युवक के साथ पूछताछ के दौरान मारपीट होती हुई दिखाई दी। वीडियो के वायरल होते ही बड़ी संख्या में लोग मंदिर के पास इकट्ठा हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया और आरोपी को सुरक्षित निकालकर हिरासत में लिया।
आरोपी की पहचान
पुलिस ने आरोपी की पहचान अल्ताफ के रूप में की है, जो कर्नाटक के बीदर जिले का निवासी है। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत पूजा स्थल में अनधिकृत प्रवेश और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को रविवार सुबह हैदराबाद की अदालत में पेश किया गया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं।
संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद भाजपा, हिंदू संगठनों और मंदिर के श्रद्धालुओं ने विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आरोपी ने न केवल मंदिर में शौच किया, बल्कि पेशाब भी किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने मंदिर जाकर घटना की निंदा की और इसे ईशनिंदा करार दिया।
सोशल मीडिया पर बयान
एन. रामचंद्र राव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक कड़ा बयान साझा करते हुए सत्तारूढ़ कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हिंदू धार्मिक स्थलों पर हमलों को लेकर सरकार और कुछ राजनीतिक दलों की चुप्पी चिंताजनक है। उनके बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई, वहीं कुछ वर्गों ने इस तरह की भाषा पर आपत्ति भी जताई।
पुलिस की शांति बनाए रखने की अपील
घटना के संदर्भ में पुलिस ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है। साथ ही जनता से अनुरोध किया गया है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों या अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें। पुलिस ने चेतावनी दी कि गलत सूचना फैलाने से कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंच सकता है। नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा गया है कि केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
