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कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की अमेरिका के टैरिफ फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा कनाडाई उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाने के निर्णय पर अपनी गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने इसे व्यापारिक संबंधों के लिए हानिकारक बताया और चेतावनी दी कि इससे कई उद्योग प्रभावित होंगे। कार्नी ने CUSMA समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस बीच, व्हाइट हाउस ने नए टैरिफ के बारे में जानकारी दी है, जिसमें ट्रम्प ने कनाडा की निष्क्रियता को जिम्मेदार ठहराया। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
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कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की अमेरिका के टैरिफ फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया

कनाडाई वस्तुओं पर बढ़ते आयात शुल्क पर नाराजगी

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा कनाडाई उत्पादों पर आयात शुल्क को 25% से बढ़ाकर 35% करने के निर्णय पर अपनी गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने इसे कनाडा और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों के लिए हानिकारक बताया।


पीएम कार्नी का आधिकारिक बयान

आधिकारिक बयान में पीएम कार्नी ने क्या कहा?


एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा किए गए अपने बयान में, पीएम कार्नी ने कहा कि उनकी सरकार इस निर्णय से दुखी है, लेकिन वे अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा व्यापार समझौते (CUSMA) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेंगे। यह समझौता वर्तमान में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता माना जाता है।


कार्नी ने चेतावनी दी कि टैरिफ में वृद्धि का सीधा प्रभाव लकड़ी, स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल उद्योगों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इन उद्योगों और कनाडाई नौकरियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगी, साथ ही औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने और नए निर्यात बाजारों की खोज पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।


व्हाइट हाउस का बयान

व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान


अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने हाल ही में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत CUSMA के दायरे से बाहर आने वाले कनाडाई उत्पादों पर नया टैरिफ लागू किया गया है। व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, यदि कनाडाई सामान किसी अन्य देश के माध्यम से अमेरिका लाया गया, तो उस पर 40% ट्रांसशिपमेंट शुल्क भी लगाया जाएगा।


ट्रंप ने इस टैरिफ वृद्धि को कनाडा की निष्क्रियता और जवाबी रुख का परिणाम बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री कार्नी ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन बातचीत नहीं हो पाई।