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कन्हैया कुमार ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल, मोदी सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने हाल ही में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में हर घंटे दो छात्र आत्महत्या कर रहे हैं, जिसका सीधा संबंध खराब शिक्षा व्यवस्था से है। कन्हैया ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री की योग्यता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री अपनी चुप्पी तोड़ें और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाएं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि किसी और की नाकामी के लिए अपनी जान गंवाने की जरूरत नहीं है।
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कन्हैया कुमार ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल, मोदी सरकार पर साधा निशाना

कन्हैया कुमार का बयान


नई दिल्ली। कांग्रेस के नेता कन्हैया कुमार ने हाल ही में कहा कि देश में जो घटनाएं घट रही हैं, वे सरकार के लिए मजाक हो सकती हैं, लेकिन छात्रों के लिए यह उनके जीवन और मृत्यु का मामला है। उन्होंने मीडिया की आलोचना करते हुए कहा कि हाल के हफ्तों में शिक्षा से जुड़ी कई घटनाओं को कवर किया गया है, लेकिन छात्रों की आत्महत्याओं पर चर्चा नहीं की जा रही है। वर्तमान में, हर घंटे दो छात्र आत्महत्या कर रहे हैं, और इसका सीधा संबंध खराब शिक्षा व्यवस्था से है। हर साल NEET परीक्षा में अनियमितताएं सामने आती हैं, लेकिन न तो शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होता है और न ही दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है।




क्यों मोदी ने अयोग्य शिक्षा मंत्री को चुना?


कन्हैया कुमार ने आगे कहा कि हाल ही में SSC GD परीक्षा के लिए 800 छात्रों को बुलाया गया, जबकि बैठने की व्यवस्था केवल 250 के लिए थी। यह बेहद दुखद है कि मोदी सरकार एक परीक्षा भी सही तरीके से नहीं करवा पा रही है। जब एक 17 वर्षीय छात्र CBSE से जुड़ी समस्याओं के बारे में शिकायत करता है, तो कुछ पत्रकार उसे देशद्रोही करार देते हैं। जो प्रधानमंत्री परीक्षा से पहले 'परीक्षा पे चर्चा' करते हैं, वही पेपर लीक होने पर चुप रहते हैं। पहले NEET के पेपर लीक की खबरें आईं, फिर CBSE का मामला सामने आया। आखिर मोदी ने एक अयोग्य व्यक्ति को शिक्षा मंत्री क्यों बनाया है?


NTA के निदेशक की जांच की आवश्यकता


कन्हैया कुमार ने कहा कि देश की सभी महत्वपूर्ण परीक्षाओं की जिम्मेदारी NTA पर है, जिस पर बार-बार सवाल उठते हैं। अगर NTA के निदेशक का बैकग्राउंड चेक किया जाए, तो पता चलेगा कि वे सत्ता के कितने करीब हैं। ऐसे निदेशकों को राजनीतिक लाभ के लिए बड़े पदों पर बैठाया जाता है, और उनकी नाकामी के बाद कोई कार्रवाई नहीं होती। देश एक गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है, जहां सिस्टम अपनी गलतियों का ठीकरा छात्रों पर फोड़ना चाहता है। इस स्थिति में छात्रों से अपील है कि किसी और की गलती के लिए अपनी जान गंवाने की जरूरत नहीं है।


प्रधानमंत्री से कार्रवाई की मांग


कन्हैया कुमार ने कहा कि NSUI और IYC पेपर लीक के मुद्दे पर लगातार सड़कों पर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे अपनी चुप्पी तोड़ें और अयोग्य शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करें। पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मोदी देश के युवाओं का सपना तोड़कर उन्हें विकसित भारत का सपना बेच रहे हैं। भारत तब विकसित होगा जब छात्रों को सही शिक्षा मिलेगी, शिक्षित लोगों को रोजगार मिलेगा और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।


छात्रों से अपील


कन्हैया कुमार ने छात्रों से पूछा कि जब मोदी परीक्षा पर चर्चा करते हैं, तो पेपर लीक पर कब बोलेंगे? उन्होंने कहा कि नाकाम शिक्षा मंत्री को कब हटाया जाएगा? NTA को परीक्षा कराने का काम नहीं मिलना चाहिए। छात्रों से कहा गया है कि कांग्रेस पार्टी, NSUI, और यूथ कांग्रेस उनकी न्याय की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ेगी। NEET के छात्रों की मदद की जा रही है और आगे भी अन्य छात्रों की मदद की जाएगी। किसी और की नाकामी के लिए छात्रों को अपनी जान गंवाने की जरूरत नहीं है।


शिकायत के लिए नंबर जारी


CBSE के प्रभावित छात्रों के लिए, जिन्होंने आंसर शीट पाने में दिक्कत का सामना किया है, एक नंबर जारी किया गया है - 9268030030, जिस पर छात्र अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। वोट चोरी कर कुर्सी पर बैठने वाले लोगों के शासन में पेपर लीक होना एक योग्यता बन गया है।