कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद पर बदलाव की तैयारी, सिद्धारमैया की विदाई तय
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की विदाई की प्रक्रिया
कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की विदाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंगलवार को उन्हें और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए बुलाया गया। इस बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि यह बैठक राज्यसभा चुनाव, ग्रेटर बेंगलुरू नगर निगम चुनाव और विधान परिषद चुनाव पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि नेतृत्व परिवर्तन पर कोई चर्चा नहीं हुई। हालांकि, शाम तक यह खबर आई कि कांग्रेस ने सिद्धारमैया को हटाने का निर्णय लिया है और राहुल गांधी ने उन्हें इस बारे में सूचित किया है।
इस दिन कई बैठकें हुईं, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला शामिल थे। इस मीटिंग में मुख्यमंत्री बदलने का निर्णय लिया गया। इसके बाद राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से एक घंटे तक बातचीत की। सूत्रों के अनुसार, कुल मिलाकर छह घंटे की बैठकें हुईं, जिसमें सिद्धारमैया को राज्यसभा जाने का विकल्प दिया गया और मुख्यमंत्री पद डीके शिवकुमार को सौंपने का प्रस्ताव रखा गया।
सिद्धारमैया का दूसरा कार्यकाल अब तीन साल पूरा हो चुका है। पहले यह तय हुआ था कि वे ढाई साल बाद पद छोड़ देंगे और शिवकुमार को सीएम बनाया जाएगा। अब यह स्पष्ट हो गया है कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री का पद बदला जाएगा। कांग्रेस के चार मुख्यमंत्री हैं, जिनमें सिद्धारमैया एकमात्र ऐसे हैं जो पिछड़ी जाति से आते हैं। अन्य मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश, केरल और तेलंगाना से हैं।
राहुल गांधी ने बार-बार पिछड़ों और दलितों की बात की है, लेकिन जब मुख्यमंत्री बनाने की बात आती है, तो उनकी अनदेखी की जाती है। सिद्धारमैया के हटने के बाद, डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, जो वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं। यह देखना होगा कि सिद्धारमैया इस निर्णय को कैसे लेते हैं। उनके साथ मल्लिकार्जुन खड़गे का समर्थन है, और उनके बेटे प्रियांक खड़गे और सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र ने भी पिछड़े समुदाय के मुख्यमंत्री की आवश्यकता पर जोर दिया है।
हालांकि, कांग्रेस का मानना है कि दलित, पिछड़ा और मुस्लिम वोट शिवकुमार के माध्यम से सुरक्षित रहेगा। अगले कुछ दिनों में विरोध की संभावना है, लेकिन शिवकुमार विरोध को संभालने में सक्षम हैं।
