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कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच सीटों को लेकर बढ़ता टकराव

कांग्रेस पार्टी और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के बीच सीटों को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है। तमिलनाडु में डीएमके पर दबाव बनाने के साथ ही, मुस्लिम लीग ने कांग्रेस से अधिक सीटों की मांग की है। हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में मुस्लिम लीग ने शानदार प्रदर्शन किया, जिससे उनकी सीटों की मांग और भी मजबूत हुई है। जानें इस राजनीतिक स्थिति का क्या है असर और आगे की संभावनाएं।
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कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच सीटों को लेकर बढ़ता टकराव

राजनीतिक दबाव और सीटों की मांग

राजनीति में अक्सर प्रतिशोध का खेल चलता है। कांग्रेस पार्टी ने तमिलनाडु में अपने सहयोगी दल डीएमके पर जोर डाला है कि उसे अधिक सीटें दी जाएं और सरकार में भी हिस्सेदारी मिले। इसी बीच, केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने कांग्रेस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। मुस्लिम लीग ने कांग्रेस से अधिक सीटों की मांग की है। चूंकि मुस्लिम लीग हमेशा सरकार का हिस्सा रहती है, इसलिए तमिलनाडु जैसी स्थिति वहां नहीं है। लेकिन सीटों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मुस्लिम लीग के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हाल ही में कोझीकोड में हुई, जिसमें अधिक सीटें मांगने का निर्णय लिया गया। दरअसल, स्थानीय निकाय चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद मुस्लिम लीग ने यह मांग उठाई है।


स्थानीय निकाय चुनावों में सफलता

दिसंबर में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में मुस्लिम लीग के निर्वाचित प्रतिनिधियों की संख्या में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मालाबार क्षेत्र के बाहर भी पार्टी के प्रतिनिधि जीतने में सफल रहे, जिससे उनकी ताकत का एहसास हुआ। पहले, पार्टी को मल्लापुरम में मजबूत माना जाता था, लेकिन अब कासरगौड़, कन्नूर और पथानामिट्ठा में भी उनके प्रतिनिधि जीत गए हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में मुस्लिम लीग ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 15 पर जीत हासिल की थी। इसके मुकाबले कांग्रेस का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। मुस्लिम लीग अब स्ट्राइक रेट के आधार पर अधिक सीटें मांग रही है। पार्टी के राज्य महासचिव पीएमए सलाम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनकी पार्टी अधिक सीटों की मांग करेगी।