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कांग्रेस की पवन खेड़ा को राज्यसभा में भेजने की योजना पर उठे सवाल

कांग्रेस पार्टी पवन खेड़ा को राज्यसभा में भेजने की योजना बना रही है, लेकिन इस पर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या यह संभव है कि पवन खेड़ा को तमिलनाडु से राज्यसभा में भेजा जाए, जबकि वहां चुनाव नजदीक हैं? जानें इस मुद्दे पर पूरी जानकारी और कांग्रेस की रणनीति के बारे में।
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कांग्रेस की पवन खेड़ा को राज्यसभा में भेजने की योजना पर उठे सवाल

पवन खेड़ा की राज्यसभा में एंट्री की संभावनाएं

दो साल पहले जब राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा को सीट नहीं मिली थी, तब उन्होंने अपनी निराशा को सार्वजनिक रूप से साझा किया था। उन्होंने लिखा था कि शायद उनकी तपस्या में कोई कमी रह गई थी। इस बार ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस पार्टी उनकी मेहनत का फल देने के लिए तैयार है। हाल ही में, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चेन्नई में डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से एक राज्यसभा सीट की मांग की, जिसमें पवन खेड़ा का नाम भी शामिल था।


हालांकि, वेणुगोपाल विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए गए थे, लेकिन जब बात नहीं बनी, तो उन्होंने अपने 18 विधायकों के समर्थन से एक राज्यसभा सीट की मांग की। लेकिन सवाल यह उठता है कि कांग्रेस पवन खेड़ा को तमिलनाडु से राज्यसभा में क्यों भेजना चाहती है? तमिलनाडु में चुनाव दो महीने में होने वाले हैं और वहां द्रविड़ और बाहरी मुद्दों पर विवाद काफी बढ़ा हुआ है। स्टालिन तमिल अस्मिता के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं, ऐसे में उत्तर भारत के किसी नेता को राज्यसभा में भेजना कैसे संभव होगा?


इसलिए यह भी चर्चा में है कि क्या कांग्रेस पवन खेड़ा के मामले में केवल दिखावा कर रही है। यदि वे वास्तव में गंभीर हैं, तो तीन महीने बाद मई में राजस्थान की तीन सीटों के लिए चुनाव होंगे, जहां से कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना है। पवन खेड़ा को वहां से भेजा जा सकता है। इसी तरह, मध्य प्रदेश में भी एक सीट खाली हो रही है, जहां से उन्हें भेजा जा सकता है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में कांग्रेस को एक-एक सीट मिलने की संभावना है। लेकिन कांग्रेस उन्हें तमिलनाडु भेजने की योजना बना रही है। अब देखना यह है कि स्टालिन उनके नाम पर सहमति देते हैं या नहीं।