कांग्रेस के हंगामे पर किरेन रिजिजू की कड़ी प्रतिक्रिया
लोकसभा में हंगामा और सरकार की प्रतिक्रिया
लोकसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के हंगामे पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विपक्ष बेवजह हंगामा कर रहा है और सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
रिजिजू ने कहा कि विपक्ष पूरी तरह से भ्रमित है और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि उन्हें क्या करना चाहिए। पहले उन्होंने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया, जो अभी भी लंबित है, और अब वे एक और अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे रहे हैं, जिसका कोई औचित्य नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्री ने सदन में विपक्ष के उठाए गए मुद्दों का विस्तार से उत्तर दिया है, लेकिन विपक्ष को जवाब सुनने में कोई रुचि नहीं है। रिजिजू ने कहा कि उन्होंने कभी इतनी गैर-जिम्मेदार पार्टी नहीं देखी। क्या एक परिवार या व्यक्ति पूरे देश का महाराजा है? इस देश में संविधान और सदन के नियम हैं, लेकिन विपक्ष के सदस्य इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
रिजिजू ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से अपील की कि वे अपनी अंतरात्मा में झांकें और सोचें कि उनकी हरकतों से देश का क्या भला हो रहा है और संसद की गरिमा को कितना गिराया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वे जो भी अनैतिक प्रस्ताव लाए हैं, उस पर चर्चा के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। यदि विपक्ष में हिम्मत है, तो तुरंत चर्चा शुरू करें।
हालांकि, विपक्ष का हंगामा जारी रहा। कांग्रेस और अन्य विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर नारेबाजी की और तख्तियां लहराईं, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
इससे पहले, जब राज्यसभा में पश्चिमी एशिया के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर बयान दे रहे थे, तब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
