कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की
नई दिल्ली में कांग्रेस की चुनावी तैयारियां
नई दिल्ली: असम में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। शनिवार को पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की, जिसमें कुल 23 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन में क्षेत्रीय संतुलन, संगठन की राय और स्थानीय परिस्थितियों का ध्यान रखा गया है। कांग्रेस का उद्देश्य चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करना है, इसलिए नाम तय करने से पहले कई स्तरों पर चर्चा की गई।
सहयोगी दलों के लिए सीटें सुरक्षित
कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगियों के लिए कुछ सीटें छोड़ दी हैं। इनमें भवानीपुर–सोरभोग, बजाली, पलासबाड़ी, गुवाहाटी सेंट्रल, गोरेश्वर, मोरीगांव और बरहमपुर शामिल हैं। यह निर्णय गठबंधन की रणनीति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि विपक्षी दल एकजुट होकर चुनाव लड़ सकें।
The Central Election Committee of Congress has selected the following persons as Congress candidates for the forthcoming elections to the Assam Legislative Assembly.
— Assam Congress (@INCAssam) March 14, 2026
We congratulate everyone.#AssamWithCongress pic.twitter.com/b7Ar5RNlAD
गौरव गोगोई का नाम सूची में शामिल
कांग्रेस ने पहले असम विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची जारी की थी, जिसमें 42 उम्मीदवारों के नाम थे। इस सूची में गौरव गोगोई का नाम प्रमुखता से शामिल था। वह जोरहाट के सांसद और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता हैं, और अब जोरहाट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे।
वर्तमान विधानसभा का राजनीतिक परिदृश्य
असम की मौजूदा विधानसभा में भाजपा का दबदबा है, जिसमें उनके पास 64 विधायक हैं। इसके सहयोगी दलों में असम गण परिषद के 9, यूपीपीएल के 7 और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट के 3 सदस्य हैं। कांग्रेस 26 विधायकों के साथ मुख्य विपक्षी दल है, जबकि एआईयूडीएफ के 15 और सीपीआई (एम) का एक विधायक भी सदन में है।
पिछले चुनावों से मिली सीख
2021 के चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने 75 सीटें जीतकर सत्ता में बने रहने में सफल रहा। यह राज्य में पहली बार था जब किसी गैर-कांग्रेसी गठबंधन ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। हालांकि, कांग्रेस के नेतृत्व वाले महाजोत गठबंधन ने भी 50 सीटें जीती थीं, जो 2016 में जीती गई 26 सीटों की तुलना में काफी बेहतर है। कांग्रेस इस बार बहुमत में आने की उम्मीद कर रही है।
