कांग्रेस ने नगर निगम चुनावों के लिए नई रणनीति बनाई, हुड्डा को मिली प्रमुखता
अंबाला में कांग्रेस की नई कमेटियों का गठन
अंबाला. कांग्रेस ने पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगम चुनावों के लिए नई समितियों का गठन किया है। भूपेंद्र हुड्डा को इन समितियों में शामिल किया गया है, जबकि कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला को बाहर रखा गया है।
हरियाणा की राजनीतिक गतिविधियाँ एक बार फिर तेज हो गई हैं। आगामी नगर निगम चुनावों के लिए कांग्रेस ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। पार्टी ने पंचकूला, अंबाला और सोनीपत के लिए विशेष समितियों का गठन किया है।
इन समितियों की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह को सौंपी गई है। हालांकि, जैसे ही समितियों की सूची जारी हुई, पार्टी के भीतर की गुटबाजी फिर से चर्चा का विषय बन गई। कई प्रमुख नेताओं के नाम सूची से गायब हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है।
हुड्डा का नाम सभी समितियों में शामिल
हुड्डा की प्रमुखता
पार्टी द्वारा जारी की गई सूची में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की उपस्थिति महत्वपूर्ण है। उन्हें पंचकूला, अंबाला और सोनीपत की चुनाव समितियों में प्रमुखता से स्थान दिया गया है। यह संकेत करता है कि आगामी चुनावों में टिकट वितरण और रणनीति में हुड्डा की भूमिका प्रमुख होगी। हर समिति में स्थानीय विधायकों और जिला अध्यक्षों को भी शामिल किया गया है ताकि जमीनी स्तर पर प्रभावी पकड़ बनाई जा सके।
सैलजा और सुरजेवाला को झटका
बड़े नेताओं की अनदेखी
इस सूची का सबसे चौंकाने वाला पहलू कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी है। सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा, राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला और चौधरी वीरेंद्र सिंह को किसी भी समिति में स्थान नहीं दिया गया है। यह राजनीतिक विश्लेषकों के लिए हैरानी का विषय है, क्योंकि कुमारी सैलजा अंबाला से पूर्व सांसद रह चुकी हैं और यह क्षेत्र उनका गढ़ माना जाता है। अंबाला नगर निगम चुनाव समिति में उनका नाम न होना पार्टी की आंतरिक खींचतान को उजागर करता है। इसे हुड्डा गुट की बड़ी जीत और विरोधी गुट के लिए झटके के रूप में देखा जा रहा है।
कमेटियों की संरचना
कमेटियों में शामिल सदस्य
कांग्रेस ने चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए इन समितियों का गठन किया है।
पंचकूला नगर निगम कमेटी
अध्यक्ष: राव नरेंद्र सिंह (प्रदेश अध्यक्ष)
सदस्य: भूपेंद्र सिंह हुड्डा (पूर्व सीएम)
सदस्य: वरुण चौधरी (सांसद अंबाला)
सदस्य: चंद्रमोहन बिश्नोई (विधायक पंचकूला)
सदस्य: संजय चौहान (जिलाध्यक्ष)
अंबाला नगर निगम कमेटी
अध्यक्ष: राव नरेंद्र सिंह
सदस्य: भूपेंद्र सिंह हुड्डा
सदस्य: वरुण चौधरी
सदस्य: निर्मल सिंह (विधायक अंबाला सिटी)
अन्य सदस्य: चेतन चौहान (सचिव एआईसीसी), पवन अग्रवाल (शहरी जिलाध्यक्ष), परविंदर पाल सिंह (जिला अध्यक्ष कैंट) और दुष्यंत चौहान।
सोनीपत नगर निगम कमेटी
अध्यक्ष: राव नरेंद्र सिंह
सदस्य: भूपेंद्र सिंह हुड्डा
सदस्य: सतपाल ब्रह्मचारी (सांसद सोनीपत)
सदस्य: सुरेंद्र पंवार (पूर्व विधायक) और जयवीर सिंह वाल्मीकि (पूर्व विधायक)
अन्य सदस्य: संजीव दहिया (ग्रामीण जिलाध्यक्ष), कमल दीवान (शहरी जिलाध्यक्ष) और जयभगवान अंतिल।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने स्थानीय नेताओं को जिम्मेदारी देकर चुनाव जीतने की योजना बनाई है। अंबाला में निर्मल सिंह और पंचकूला में चंद्रमोहन बिश्नोई को प्राथमिकता देना इसी रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, बड़े नेताओं की नाराजगी चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है। यदि सैलजा और सुरजेवाला गुट ने चुनाव प्रचार से दूरी बनाई, तो इसका सीधा लाभ विपक्षी दलों को मिल सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
FAQ’s
प्रश्न: किन तीन शहरों में नगर निगम चुनाव होने वाले हैं?
उत्तर: हरियाणा के पंचकूला, अंबाला और सोनीपत में नगर निगम चुनाव होने वाले हैं जिनके लिए कांग्रेस ने कमेटियां गठित की हैं।
प्रश्न: कांग्रेस की चुनाव कमेटियों में किन बड़े नेताओं को जगह नहीं मिली है?
उत्तर: इन कमेटियों में वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और चौधरी वीरेंद्र सिंह को शामिल नहीं किया गया है।
प्रश्न: अंबाला नगर निगम कमेटी में किसे शामिल किया गया है?
उत्तर: अंबाला कमेटी में प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र हुड्डा, सांसद वरुण चौधरी और विधायक निर्मल सिंह सहित स्थानीय पदाधिकारियों को शामिल किया गया है।
प्रश्न: क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा सभी कमेटियों में शामिल हैं?
उत्तर: हां, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को तीनों (पंचकूला, अंबाला और सोनीपत) नगर निगम चुनाव कमेटियों में सदस्य बनाया गया है।
