कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी के आरोपों को खारिज किया
कांग्रेस अध्यक्ष का बयान
कांग्रेस अध्यक्ष बोले- पीएम मोदी का बयान तथ्यों से परे
महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पास न होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार रात देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से माफी मांगते हुए कांग्रेस और विपक्ष को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस ने पीएम के इस संबोधन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि पीएम का भाषण वास्तविकता से दूर है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीएम ने सरकारी मंच का उपयोग राजनीतिक भाषण देने के लिए किया और विपक्ष पर निराधार आरोप लगाए। कांग्रेस का कहना है कि महिला आरक्षण पर उनका रुख हमेशा स्पष्ट रहा है, और उन्होंने 2010 में राज्यसभा में इस बिल को पास कराया था, साथ ही 2023 के कानून का भी समर्थन किया।
कांग्रेस ने मांग की है कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तुरंत लागू किया जाए। इसके साथ ही परिसीमन और महिला आरक्षण को अलग रखने की बात भी की गई। पार्टी ने सरकार पर महिलाओं के मुद्दों पर विफल रहने और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया।
कपिल सिब्बल का सवाल
पीएम के संबोधन पर कपिल सिब्बल का सवाल
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने पीएम मोदी के राष्ट्र संबोधन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आया कि पीएम अपने पद के रूप में बोल रहे थे या भाजपा के नेता के तौर पर। सिब्बल ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के सामने खड़े होकर इस तरह का भाषण देना भारतीय राजनीति का नया निम्न स्तर है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में चुनाव आयोग या अन्य संस्थाएं कोई कार्रवाई नहीं करेंगी।
पीएम का बयान
अपने संबोधन में पीएम ने यह कहा था
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग इस विधेयक के गिरने को सरकार की नाकामी बता रहे हैं, लेकिन यह मुद्दा नहीं है। उन्होंने संसद में कहा था कि यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो वह विज्ञापन छपवाकर विपक्ष को इसका श्रेय दे देंगे। लेकिन दकियानूसी विचार वाले अपनी बातों पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि आज आप सब दुखी हैं, और मैं भी आपके इस दुख में दुखी हूं। भले ही बिल पास कराने के लिए आवश्यक 66 प्रतिशत वोट हमें नहीं मिले, लेकिन मुझे विश्वास है कि देश की 100 प्रतिशत नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे पास है।
