किंग चार्ल्स का अमेरिका दौरा: ट्रंप पर चुटकी और ऐतिहासिक संबंधों की बात
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने अमेरिका के दौरे के दौरान ट्रंप पर चुटकी लेते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन का योगदान नहीं होता, तो आज आप फ्रेंच बोलते। उन्होंने अमेरिका और ब्रिटेन के ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया और वर्तमान चुनौतियों का सामना करने की आवश्यकता पर जोर दिया। किंग चार्ल्स ने अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए जलवायु परिवर्तन और धार्मिक विविधता पर भी विचार साझा किए। जानें इस दौरे की खास बातें और किंग चार्ल्स के बयान का महत्व।
| Apr 29, 2026, 13:14 IST
किंग चार्ल्स का बयान और ट्रंप पर चुटकी
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने हाल ही में अमेरिका के दौरे के दौरान एक ऐसा बयान दिया, जिसने ट्रंप और उनके समर्थकों को उनके इतिहास की याद दिला दी। किंग चार्ल्स ने स्टेट डिनर में ट्रंप से कहा कि अगर ब्रिटेन नहीं होता, तो आज आप फ्रेंच बोल रहे होते। यह टिप्पणी उस समय की गई जब ट्रंप ने यूके के बारे में कई बातें की थीं, लेकिन ब्रिटेन की ओर से कोई प्रतिवाद नहीं किया गया था।
किंग चार्ल्स का आधिकारिक दौरा
किंग चार्ल्स का यह दौरा एक आधिकारिक स्टेट विजिट है, जिसमें वाइट हाउस में एक डिनर आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्व नेताओं द्वारा टोस्ट दिए जाते हैं, जिसमें हास्य और कूटनीति का मिश्रण होता है। किंग चार्ल्स ने अपने टोस्ट में ट्रंप को यह याद दिलाया कि हाल ही में उन्होंने कुछ टिप्पणियाँ की थीं, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका मदद नहीं करता, तो यूरोपियन देश जर्मन बोलते। किंग चार्ल्स ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन का योगदान नहीं होता, तो आज आप फ्रेंच बोलते।
ब्रिटेन और अमेरिका के संबंध
किंग चार्ल्स ने अमेरिका की ब्रिटेन से स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ पर दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन ने मिलकर मानव इतिहास के सबसे प्रभावशाली गठबंधनों में से एक का निर्माण किया है। चार्ल्स ने इस गठबंधन को वर्तमान चुनौतियों के अनुसार मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने रूस के खिलाफ यूक्रेन के समर्थन में दृढ़ता दिखाने और नाटो के गठबंधन को मजबूत बनाए रखने की बात की। जलवायु परिवर्तन और धार्मिक विविधता पर भी उन्होंने विचार साझा किए।
चार्ल्स का ट्रंप से मिलना
किंग चार्ल्स ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप से भी मुलाकात की। ट्रंप ने इस बैठक को 'बेहद अच्छी' बताते हुए चार्ल्स को 'शानदार व्यक्ति' कहा। कुछ ब्रिटिश टिप्पणीकारों ने किंग चार्ल्स के संबोधन को अपेक्षा से अधिक राजनीतिक बताया। चार्ल्स ब्रिटेन के दूसरे सम्राट हैं जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित किया है। इससे पहले उनकी मां, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने 1991 में ऐसा किया था। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया उनकी मां के समय की तुलना में अधिक अस्थिर और खतरनाक है।
