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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा सीटों में वृद्धि का प्रस्ताव रखा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में एक विधेयक पेश किया जिसमें लोकसभा सदस्यों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सरकार जातीय जनगणना नहीं कराने की बात गलत है। शाह ने विस्तार से बताया कि कैसे सीटों की संख्या बढ़ेगी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उनके अनुसार, दक्षिण भारत के राज्यों की सीटों में वृद्धि होगी, जिससे उनकी शक्ति में कमी नहीं आएगी। इस विषय पर और जानकारी के लिए पूरा लेख पढ़ें।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा सीटों में वृद्धि का प्रस्ताव रखा

नई दिल्ली में अमित शाह का बयान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित एक विधेयक पेश किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को चर्चा के दौरान यह स्पष्ट करेंगे कि लोकसभा सदस्यों की संख्या 543 से बढ़कर 850 कैसे होगी। इसके साथ ही, उन्होंने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार जातीय जनगणना नहीं कराने की बात गलत है। शाह ने कहा, 'सरकार जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती, यह झूठ है। जनगणना दो चरणों में होती है; पहले मकानों की पहचान की जाती है और फिर निवासियों से सवाल पूछे जाते हैं। वर्तमान में मकानों की कोई जातीय व्यवस्था नहीं है, इसलिए यह प्रक्रिया नहीं हो रही है।'


850 सीटों का आंकड़ा कैसे आया?

अमित शाह ने आगे कहा, '850 का आंकड़ा कैसे आया, मैं समझाता हूं। मान लीजिए कि 100 सीटें हैं, जिसमें 33 प्रतिशत आरक्षण देना है, तो 50 सीटें बढ़ाकर कुल 150 सीटें हो जाएंगी। 850 एक गोल आंकड़ा है। कल इसके बारे में विस्तार से बताऊंगा।' उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण भारत में संसद की कुल 543 सीटों में से 129 सांसद आते हैं, जो बढ़कर 195 सीटों तक पहुंच जाएंगे। इसका मतलब यह है कि उनकी शक्ति कम नहीं हो रही, बल्कि बढ़ रही है।


कांग्रेस पर निशाना

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा, 'वेणुगोपाल कह रहे हैं कि यह किसने कहा, मैं भारत का गृह मंत्री हूं और यह बात कह रहा हूं। कल मैं उन्हें विस्तार से जवाब दूंगा। बस कल सुनने के लिए तैयार रहें।' उन्होंने कहा, 'पूरी चर्चा में सभी सवालों का जवाब मैं कल दूंगा, लेकिन आज भी कुछ जवाब देने हैं ताकि स्पष्टता बनी रहे। एक बड़ा नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है कि ये तीन बिल आने से दक्षिण के राज्यों की लोकसभा में क्षमता कम हो जाएगी। मैं जो बिल सदन के सामने है, उसका व्यावहारिक पक्ष बता रहा हूं। कर्नाटक में 28 सीटें हैं, जो इस बिल के पारित होने के बाद 42 हो जाएंगी और प्रतिशत 5.14 हो जाएगा।'