केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक 2026: लोकसभा में पेश होगा अहम बिल
केंद्रीय गृहमंत्री का महत्वपूर्ण कदम
आज, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लोकसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक, 2026 को पेश करने वाले हैं। यह विधेयक बुधवार को राज्यसभा में विपक्ष के वॉकआउट के बीच पारित किया गया था। इसमें उच्च पदों पर प्रतिनियुक्ति को बढ़ावा देने के प्रावधान शामिल हैं, जिसे विपक्ष सुप्रीम कोर्ट के 2025 के निर्णय के खिलाफ मानता है।
विधेयक के प्रमुख प्रावधान
इस विधेयक के अनुसार, CAPF में इंस्पेक्टर जनरल (IG) रैंक के 50 प्रतिशत पद प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरे जाएंगे। इसके अलावा, एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) रैंक के कम से कम 67 प्रतिशत पद भी डेप्युटेशन से भरे जाएंगे। विशेष डायरेक्टर जनरल और डायरेक्टर जनरल के सभी पद केवल प्रतिनियुक्ति अधिकारियों द्वारा भरे जाने का प्रावधान है।
सरकार का दृष्टिकोण
सरकार का तर्क है कि यह विधेयक CAPF बलों को बेहतर प्रशासनिक नेतृत्व और समन्वय प्रदान करेगा। हालांकि, विपक्षी दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं। राज्यसभा में चर्चा के दौरान, विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट किया और कहा कि यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट के 2025 के निर्णय के खिलाफ है, जिसमें CAPF के सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड स्तर पर प्रतिनियुक्ति पदों को कम करने का निर्देश दिया गया था।
नियमों की जानकारी
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में दो प्रकार के अधिकारी कार्यरत होते हैं। पहली श्रेणी में IPS अधिकारी होते हैं, जो डेप्युटेशन पर कुछ वर्षों के लिए भेजे जाते हैं। दूसरी श्रेणी में CAPF कैडर अधिकारी होते हैं, जिनकी भर्ती UPSC की CAPF Assistant Commandant परीक्षा के माध्यम से होती है। कैडर अधिकारी अपने पूरे करियर में CAPF में सेवा देते हैं, जबकि IPS अधिकारी ऊपरी पदों पर आते हैं।
अन्य विधेयक
अमित शाह आज CAPF विधेयक के अलावा आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक, 2026 भी पेश करेंगे, जो अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी बनाने से संबंधित है। यह विधेयक पहले ही लोकसभा में पारित हो चुका है। इसके साथ ही ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्टें भी दोनों सदनों में पेश की जाएंगी।
