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केरल उपचुनाव में भाजपा को मिली हार, यूडीएफ ने बढ़ाई ताकत

तिरुवनंतपुरम में हुए उपचुनाव ने भाजपा के लिए एक बड़ा झटका दिया है, जहां पार्टी साधारण बहुमत हासिल करने में असफल रही। यूडीएफ ने इस चुनाव में जीत दर्ज कर अपनी सीटें बढ़ाई हैं, जबकि एलडीएफ को भी निराशा का सामना करना पड़ा। इस परिणाम ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जानें इस उपचुनाव के नतीजों का क्या असर होगा और आगे की राजनीतिक रणनीतियाँ क्या होंगी।
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केरल उपचुनाव में भाजपा को मिली हार, यूडीएफ ने बढ़ाई ताकत

तिरुवनंतपुरम में उपचुनाव का परिणाम


नई दिल्ली: केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक महत्वपूर्ण उपचुनाव ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा, जो नगर निगम में पहली बार सत्ता में आई थी, को विजिंजम वार्ड के उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। इस परिणाम के साथ भाजपा ने साधारण बहुमत हासिल करने का अवसर खो दिया है। यह उपचुनाव एक निर्दलीय उम्मीदवार के निधन के कारण आयोजित किया गया था। नतीजों ने यूडीएफ को मजबूती प्रदान की है, जबकि एलडीएफ के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ है।


यूडीएफ की जीत और भाजपा की स्थिति

विजिंजम वार्ड में हुए उपचुनाव में यूडीएफ के उम्मीदवार के एच सुधीर खान ने जीत हासिल की। उन्होंने एलडीएफ के एन नौशाद को 83 वोटों के अंतर से हराया। सुधीर खान को 2,902 वोट मिले, जबकि नौशाद को 2,819 वोट मिले। भाजपा के उम्मीदवार सर्वशक्तिपुरम बीनू ने 2,437 वोटों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। मतदान सोमवार को हुआ था और मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा था।


भाजपा के लिए बहुमत का सपना अधूरा


इस परिणाम के बाद 101 सदस्यीय नगर निगम में भाजपा की सीटें 50 पर स्थिर रह गईं। साधारण बहुमत के लिए 51 सीटों की आवश्यकता है। अब भाजपा को निगम में बहुमत बनाए रखने के लिए निर्दलीय पार्षद पी राधाकृष्णन के समर्थन पर निर्भर रहना होगा। हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा के लिए यह उपचुनाव महत्वपूर्ण था। हार ने पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


यूडीएफ को मिली नई ताकत

यूडीएफ को मिला संबल


विजिंजम में जीत के साथ यूडीएफ ने नगर निगम में अपनी स्थिति को मजबूत किया है। पार्टी की सीटें 19 से बढ़कर 20 हो गई हैं, जो 2020 के चुनावों में मिली सीटों की तुलना में दोगुनी है। यूडीएफ के नेता मानते हैं कि यह जीत राजधानी में संगठन के लिए सकारात्मक संकेत है। उनका कहना है कि जनता ने उपचुनाव में स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दी।


एलडीएफ को भी झटका

एलडीएफ को भी झटका


यह परिणाम सीपीआईएम के नेतृत्व वाले एलडीएफ के लिए भी निराशाजनक रहा। विजिंजम वार्ड पहले एलडीएफ के पास था, लेकिन इस बार पार्टी सीट बचाने में असफल रही। नगर निगम में एलडीएफ की कुल सीटें 29 पर बनी हुई हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि कड़ा मुकाबला होने के बावजूद अंतिम क्षणों में समर्थन खिसक गया। इस हार को आगामी राजनीतिक रणनीति के लिए चेतावनी माना जा रहा है।


अन्य उपचुनावों की तस्वीर

अन्य उपचुनावों की तस्वीर


राज्य में दो अन्य स्थानीय निकाय उपचुनाव भी हुए, जहां एलडीएफ और यूडीएफ ने एक-एक सीट जीती। एर्नाकुलम जिले की पंपाकुडा पंचायत के ओणक्कूर वार्ड में सीपीआईएम के उम्मीदवार सी बी राजीव ने कांग्रेस के जोस को 221 वोटों से हराया। इससे पंचायत की सत्ता संरचना नहीं बदली, जहां यूडीएफ के पास नौ सीटें हैं। मलप्पुरम जिले की मुथेडम पंचायत के पयिमपदम वार्ड में यूडीएफ की उम्मीदवार के सुबैदा ने निर्दलीय सेबीना टीचर को 222 वोटों से हराया।