केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने राहुल गांधी को बताया BJP की 'बी-टीम'
मुख्यमंत्री विजयन का राहुल गांधी पर हमला
केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए उन्हें भारतीय जनता पार्टी की 'बी-टीम' करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही वामपंथी गठबंधन के खिलाफ एक समान रणनीति अपनाते हैं, जिससे उनके बीच की नजदीकी का संकेत मिलता है।
विजयन का राहुल गांधी पर बयान
विजयन ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा का रुख कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) के प्रति समान है। उन्होंने राहुल गांधी को उन नेताओं में से एक बताया जो अपने अनुभवों से सीखने में असफल रहते हैं। विजयन ने इसे दुर्लभ प्रवृत्ति करार दिया और कहा कि यह उन लोगों में देखने को मिलता है जो परिस्थितियों को सही तरीके से नहीं समझ पाते। उनके अनुसार, राष्ट्रीय राजनीति के संदर्भ में यह स्पष्ट है कि गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की भूमिका भाजपा के पूरक के रूप में हो गई है।
कांग्रेस पर तुष्टीकरण का आरोप
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यह रणनीति बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक दोनों तरह की सांप्रदायिक ताकतों को साधने का प्रयास है। इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि सीपीआई (एम) और एलडीएफ का रुख पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष है और वे किसी भी प्रकार की सांप्रदायिकता से समझौता नहीं करते।
सांप्रदायिकता पर विजयन की चेतावनी
विजयन ने कहा कि जो राजनीतिक दल केवल वोटों को प्राथमिकता देते हैं, वे सांप्रदायिकता से दूरी बनाए रखने में असफल रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) अब सांप्रदायिक शक्तियों के साथ समझौता करने की दिशा में बढ़ रहा है, जो देश के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने दोहराया कि एलडीएफ हर प्रकार की सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।
अरविंद केजरीवाल का संदर्भ
इस दौरान, विजयन ने अरविंद केजरीवाल का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन दिल्ली की अदालत ने उन आरोपों को खारिज कर दिया। विजयन ने इसे कांग्रेस नेतृत्व के लिए बड़ा झटका बताते हुए कहा कि इसके बावजूद वही आरोप दोहराए जा रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
राजनीतिक माहौल में गर्मी
विजयन की ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं, जब केरल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। राज्य में 9 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
