केरल में कांग्रेस पार्टी के टिकट बंटवारे में केसी वेणुगोपाल का प्रभाव
कांग्रेस में टिकट बंटवारे का विवाद
केरल में कांग्रेस पार्टी के भीतर एक बड़ा विवाद उत्पन्न हो गया है। राहुल गांधी के करीबी सहयोगी और कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, जिन्हें केसीवी के नाम से जाना जाता है, ने टिकट वितरण में अपनी पसंद को प्रमुखता दी है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, केरल में कांग्रेस ने 55 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है, जिसमें से 17 उम्मीदवार सीधे तौर पर केसीवी के करीबी माने जाते हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला के नौ सहयोगियों को टिकट मिला है, जबकि विधायक दल के नेता वीडी सतीशन की सिफारिश पर पांच उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के 16 सांसदों में से केवल शशि थरूर ही ऐसे सांसद हैं, जो टिकट बंटवारे की प्रक्रिया से बाहर रहे हैं। अन्य सांसदों को अपने क्षेत्रों में एक या दो टिकट की सिफारिश करने का अवसर मिला।
टिकट बंटवारे में जनसंख्या का प्रभाव
कांग्रेस के नेता मानते हैं कि केसीवी की पसंद का प्रभाव टिकट बंटवारे में स्पष्ट है। लगभग 60 प्रतिशत सीटों पर केसीवी के पसंदीदा उम्मीदवारों को टिकट दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया में एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि कांग्रेस ने ईसाई समुदाय को जनसंख्या के अनुपात में अधिक टिकट दिए हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय को कम। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के कोटे की भरपाई इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग द्वारा की जाएगी।
केरल में मुस्लिम आबादी लगभग 23 प्रतिशत है, और कांग्रेस ने अब तक 12 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है। दूसरी ओर, ईसाई आबादी 18 से 19 प्रतिशत के बीच है, और कांग्रेस ने 22 ईसाई उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इसके अलावा, कांग्रेस ने नायर समुदाय को भी अधिक सीटें दी हैं, जबकि ओबीसी जाति एझवा को कम सीटें दी गई हैं। पार्टी ने तीन ब्राह्मण उम्मीदवारों को भी टिकट दिया है।
