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केरल में नए मुख्यमंत्री की घोषणा: कांग्रेस की चुनौतियाँ और मीडिया की भूमिका

केरल में कांग्रेस ने वी डी वाडस्सेरी दामोदरन सतीशन को नया मुख्यमंत्री घोषित किया है। इस निर्णय पर मीडिया में काफी चर्चा हुई है, जिसमें एंकरों ने कांग्रेस की निर्णय लेने की क्षमता पर सवाल उठाए। अजय माकन ने भाजपा के मुख्यमंत्री चयन में देरी का जिक्र करते हुए कांग्रेस के त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को उजागर किया। इस लेख में केरल की सामाजिक विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों पर भी चर्चा की गई है। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम का महत्व और मीडिया की भूमिका।
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केरल में नए मुख्यमंत्री की घोषणा: कांग्रेस की चुनौतियाँ और मीडिया की भूमिका

मुख्यमंत्री की घोषणा पर मीडिया का हंगामा

कितनी बार टीवी डिबेट्स हुईं, अब तो सात दिन हो गए हैं। एंकरों को ऐसा लगता है कि वे कड़े शब्दों में बोलकर कांग्रेस को मुख्यमंत्री बनाने से रोक देंगे।


कांग्रेस का मुख्यमंत्री तो घोषित होना ही था। केरलम कभी राष्ट्रीय मीडिया का मुख्य विषय नहीं रहा, लेकिन पिछले हफ्ते मीडिया ने ऐसा हंगामा मचाया कि अगर मुख्यमंत्री जल्दी घोषित नहीं हुआ तो कोई बड़ी समस्या आ जाएगी। अंततः कांग्रेस ने वी डी वाडस्सेरी दामोदरन सतीशन को नया मुख्यमंत्री घोषित किया, जो जनता में लोकप्रिय हैं और पिछले पांच सालों से विपक्ष के नेता रहे हैं।


कितनी बार टीवी डिबेट्स हुईं, अब तो सात दिन हो गए हैं। एंकरों को ऐसा लगता है कि वे कड़े शब्दों में बोलकर कांग्रेस को मुख्यमंत्री बनाने से रोक देंगे। हालांकि, भाजपा ने बंगाल और असम में अपने नेताओं को नहीं बना पाए।


कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 2000 के बाद कांग्रेस को 22 मौके मिले, जिसमें से 14 बार पांच दिन या उससे कम में फैसला किया गया।


माकन ने भाजपा के रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के 30 मामलों में 13 बार आठ या उससे अधिक दिन लगे।


मीडिया की बहसों पर माकन ने कहा कि भाजपा की देरी पर गोदी मीडिया चुप रहा। उन्होंने 'गोदी मीडिया' शब्द का इस्तेमाल किया।


मीडिया का मुख्य काम अब विपक्ष को घेरना बन गया है। आज जब कांग्रेस ने 'मुख्यमंत्री घोषित क्यों नहीं?' का मुद्दा खत्म किया, गोदी मीडिया ने अगली कमी ढूंढनी शुरू कर दी।


मूल मुद्दा राहुल को कमजोर करना है। इसलिए राहुल की विदेश यात्राओं का खर्च बताने का प्रयास किया गया।


केरलम में सामाजिक विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन की गुणवत्ता के कई मापदंडों पर हमेशा नंबर वन रहा है।


भ्रष्टाचार के मामले में केरलम को सबसे कम भ्रष्ट राज्यों में गिना जाता है।


महिला सुरक्षा का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। मोदी सरकार ने महिला सुरक्षा का नारा दिया था, लेकिन इसके बाद क्या हुआ, यह बताने की जरूरत नहीं है।


केरल में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति हिंदी प्रदेशों से बेहतर है।


राष्ट्रीय मीडिया में केरल के आम जीवन के बेहतर होने की खबरें नहीं आतीं।