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कोलकाता में ममता बनर्जी का विरोध मार्च: पुलिस से मिली अनुमति के बिना किया प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में बिना पुलिस की अनुमति के एक विरोध मार्च का आयोजन किया। इस दौरान भारी भीड़ ने उनका समर्थन किया, जबकि पुलिस ने उन्हें धरना देने से रोका। बनर्जी ने भाजपा पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया और कहा कि वह अपने कार्यकर्ताओं के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगी। जानें इस प्रदर्शन के पीछे की पूरी कहानी और ममता बनर्जी के बयान।
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कोलकाता में ममता बनर्जी का विरोध मार्च: पुलिस से मिली अनुमति के बिना किया प्रदर्शन

कोलकाता में ममता बनर्जी का विरोध प्रदर्शन


कोलकाता। मंगलवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने बिना पुलिस की अनुमति के एस्प्लेनेड के पास राशमोनी एवेन्यू में विरोध मार्च का नेतृत्व किया।



इस दौरान उनके भतीजे और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी, TMC के प्रमुख नेता मदन मित्रा, सांसद कल्याण बनर्जी भी उनके साथ थे। हालांकि, हाल ही में विधानसभा चुनावों में जीतने वाले अधिकांश नए चेहरे इस मौके पर अनुपस्थित रहे, जिससे ममता को अपने ही विधायकों से निराशा का सामना करना पड़ा।



जब ममता बनर्जी धरना स्थल पर पहुंचीं, तो कोलकाता पुलिस ने उन्हें धरना देने से रोक दिया और TMC की उस अपील को ठुकरा दिया जिसमें उन्होंने पास की रानी राशमोनी रोड पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। इससे विरोध स्थल पर तनाव बढ़ गया और पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं।


ममता बनर्जी जिंदाबाद के नारे



इस दौरान भारी भीड़ जमा हो गई। जब ममता बनर्जी समर्थकों को संबोधित कर रही थीं, तब लोग 'ममता बनर्जी जिंदाबाद' के नारे लगा रहे थे। यह धरना हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में BJP की जीत के बाद TMC कार्यकर्ताओं और नेताओं पर हुए कथित हमलों के विरोध में आयोजित किया गया।


294 में से 177 सीटों पर मतगणना में धांधली


बनर्जी ने मेगाफोन से भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा ने बंगाल विधानसभा चुनाव जीतने के लिए 294 में से 177 सीटों पर धांधली की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस TMC कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन में भाग न लेने की धमकी दे रही है, लेकिन वह विरोध जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि हमें मंच या माइक्रोफोन का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह धरना निर्धारित समय तक जारी रहेगा। यह धरना उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले, चुनाव के बाद हुई हिंसा और फेरीवालों को हटाए जाने के विरोध में है।