कोलकाता हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: महिला का एक करोड़ रुपये का चिकित्सा बिल माफ
कोलकाता में ऐतिहासिक निर्णय
कोलकाता: कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए एक प्रमुख निजी अस्पताल को आदेश दिया है कि वह पिछले पांच वर्षों से भर्ती एक महिला का एक करोड़ रुपये से अधिक का चिकित्सा खर्च माफ कर दे। इस आदेश के बाद महिला अब अपने घर लौटने के लिए स्वतंत्र हो गई है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 2021 में एक सड़क दुर्घटना से शुरू हुआ, जिसमें महिला को सिर में गंभीर चोट आई थी। उसे ईएम बाईपास पर स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जटिल सर्जरी और उसकी बिगड़ती स्थिति के कारण वह लंबे समय तक अस्पताल में रहने को मजबूर थी। इस दौरान इलाज का खर्च बढ़कर आसमान छूने लगा, जिसे उसके गरीब परिवार ने चुकाने में असमर्थता जताई।
अस्पताल की याचिका
जब चिकित्सा बिल 1.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, तो अस्पताल प्रबंधन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने मांग की कि महिला को किसी अन्य सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस कृष्णा राव ने एक विशेषज्ञ टीम गठित की, जिसने महिला की स्थिति की जांच करने का आदेश दिया।
डॉक्टरों की रिपोर्ट
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने महिला की स्थिति का गहन मुआयना किया और अदालत को बताया कि उसकी स्थिति अब स्थिर है और उसकी देखभाल घर पर भी की जा सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने महिला के पति को निर्देश दिया कि वह अपनी पत्नी को तुरंत घर ले जाए।
राज्य सरकार को निर्देश
हाई कोर्ट ने अस्पताल को निर्देश दिया कि वह बीमा राशि के अलावा 1.09 करोड़ रुपये के बकाये को माफ करे। इसके साथ ही, अदालत ने राज्य सरकार को महिला को एक मुफ्त व्हीलचेयर उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया। हालांकि, जज ने यह स्पष्ट किया कि यह निर्णय भविष्य के मामलों के लिए कोई कानूनी मिसाल नहीं बनेगा।
