क्या PM मोदी ने किसानों के हितों के साथ किया विश्वासघात? केजरीवाल का कड़ा आरोप

अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पर केजरीवाल की प्रतिक्रिया
Arvind Kejriwal on Trump Tariff: अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ 27 अगस्त से लागू कर दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस संदर्भ में आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि हाल ही में पीएम ने किसानों के खिलाफ ऐसे निर्णय लिए हैं, जो उनके लिए नुकसानदायक साबित हो रहे हैं।
केजरीवाल का आरोप
केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने ट्रंप के दबाव में अमेरिका से आने वाली कपास पर 11 प्रतिशत आयात शुल्क हटा दिया है, जिससे भारतीय किसानों को भारी नुकसान होगा। उनका कहना है कि पहले यह शुल्क भारतीय कपास को प्रतिस्पर्धी बनाए रखता था, लेकिन अब अमेरिकी कपास 15-20 रुपये प्रति किलो सस्ता हो गया है। भारतीय किसानों की कपास अक्टूबर में बाजार में आएगी, जबकि तब तक टेक्सटाइल उद्योग अमेरिकी कपास खरीद चुका होगा। इसका नकारात्मक प्रभाव गुजरात, तेलंगाना, पंजाब और विदर्भ जैसे राज्यों के किसानों पर पड़ेगा, जहां आत्महत्या की घटनाएं पहले से ही चिंताजनक हैं।
भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क
आप नेता ने कहा कि ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है। ऐसे में सरकार को अमेरिकी कपास पर टैक्स को 11 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करना चाहिए था। लेकिन मोदी सरकार ने इसके विपरीत कदम उठाया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रधानमंत्री ट्रंप के सामने क्यों झुक रहे हैं। उनका कहना था कि चीन, कनाडा और यूरोपीय संघ जैसे देशों ने अमेरिकी माल पर अधिक शुल्क लगाया और ट्रंप को पीछे हटना पड़ा, लेकिन भारत ने किसानों के नुकसान की परवाह नहीं की।
केजरीवाल का बयान
#WATCH | दिल्ली: AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, "पीएम मोदी ने हमारे पीछे कुछ निर्णय लिए हैं जो पूरे देश के किसानों के लिए एक बड़ा विश्वासघात हैं। हाल ही में, ट्रंप और अमेरिका के दबाव में यह तय किया गया है कि कपास जो आता है... pic.twitter.com/zoWLyj2iPo
— News Media (@NewsMedia) August 28, 2025
अदानी पर केजरीवाल का कटाक्ष
केजरीवाल ने यह भी कहा कि पीएम मोदी उद्योगपति अदानी को बचाने के लिए झुक गए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों में चर्चा है कि अदानी पर कार्रवाई हो सकती है, इसलिए सरकार अमेरिकी दबाव में काम कर रही है। उन्होंने पीएम मोदी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि वे ट्रंप और अदानी दोनों के सामने भीगी बिल्ली बन गए हैं।
सरकार का तर्क
सरकार का कहना है कि यह छूट केवल सीमित समय के लिए दी गई है, ताकि अमेरिकी बाजार में भारतीय कपड़ा निर्यातकों को राहत मिल सके। वित्त मंत्रालय ने अगस्त में यह निर्णय लिया था कि 19 अगस्त से 30 सितंबर तक कपास आयात पर शुल्क छूट रहेगी, जिसे अब बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दिया गया है। इस छूट में 5% बेसिक कस्टम ड्यूटी, 5% कृषि अवसंरचना और विकास उपकर तथा उस पर लगने वाला 10% सामाजिक कल्याण अधिभार शामिल है, जो मिलकर कुल 11% शुल्क बनता है।