क्या Raghav Chadha की आवाज़ को दबाने की कोशिश हो रही है? AAP में उठे सवाल
Raghav Chadha का पहला बयान
राघव चड्ढा ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी द्वारा उन्हें राज्यसभा उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपना पहला बयान जारी किया। उन्होंने एक वीडियो संदेश में सवाल उठाया कि क्या संसद में जनहित के मुद्दों को उठाना गलत है। चड्ढा ने कहा, "क्या मैंने कुछ गलत किया है?" उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्हें संसद में बोलने का मौका मिलता है, तो वे जनता के मुद्दों को उठाते हैं, और यह क्या अपराध है। चड्ढा ने आरोप लगाया कि AAP ने राज्यसभा सचिवालय को उनके संसदीय भाषण पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
चड्ढा के मुद्दे जो संसद में उठाए गए
चड्ढा ने कहा कि वे हमेशा जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाते हैं। उन्होंने महंगे खाने के दाम, गिग वर्कर्स की समस्याएं, प्रीपेड मोबाइल प्लान्स की दिक्कतें और मध्यम वर्ग द्वारा दिए जाने वाले टैक्स जैसे विषयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "किसी को मुझे चुप कराने की कोशिश क्यों करनी चाहिए?" उन्होंने अपने समर्थकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी चुप्पी को हार नहीं समझा जाना चाहिए।
पद से हटाए जाने के बाद चड्ढा का एक्स पोस्ट
गुरुवार को AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटा दिया और यह जिम्मेदारी सांसद अशोक मित्तल को सौंप दी। पद से हटाए जाने के कुछ घंटों बाद, चड्ढा ने एक्स पर एक क्लिप साझा की जिसमें संसद में उठाए गए मुद्दों का संकलन था। इस पोस्ट में इमोजी था, लेकिन चड्ढा ने इस राज्यसभा झटके पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की। फ्लाइट डिले, कथित पेपर लीक और लीगल पैटरनिटी लीव की मांग उन मुद्दों में शामिल थे जिन्हें चड्ढा ने हाल के हफ्तों में संसद में उठाया।
AAP में चड्ढा और पार्टी के बीच दरार?
AAP का यह निर्णय पार्टी के भीतर दरार का संकेत माना जा रहा है। विपक्ष ने इसे 2024 में दिल्ली महिला आयोग की पूर्व प्रमुख स्वाति मालीवाल और अरविंद केजरीवाल के बीच हुए सार्वजनिक विवाद से जोड़ा। भाजपा नेता वीरेंद्र सच्चदेवा ने कहा कि चड्ढा और मालीवाल दोनों ही आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेता हैं, जो केजरीवाल की कार्यशैली से अलग नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि AAP का यह कदम दर्शाता है कि चड्ढा केजरीवाल के "अराजक और भ्रष्ट नेतृत्व" से दूर जा रहे हैं।
AAP का स्पष्टीकरण
AAP ने कहा कि राघव चड्ढा को राज्यसभा की इस महत्वपूर्ण भूमिका से हटाने का निर्णय आंतरिक पुनर्गठन का हिस्सा है। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि चड्ढा को संसद में बोलने से नहीं रोका गया है।
