क्या अमेरिका नाटो से बाहर निकलने की योजना बना रहा है?
नाटो प्रमुख की ट्रंप से मुलाकात
आठ अप्रैल को ट्रंप से मिलेंगे नाटो चीफ, अमेरिका ने नाटो पर लगाए हैं युद्ध में साथ न देने के गंभीर आरोप
वॉशिंगटन : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए संयुक्त सैन्य अभियान का आज 36वां दिन है। इस दौरान तीनों देशों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ईरान को जहां आर्थिक और जनहानि का सामना करना पड़ा है, वहीं उसके प्रतिशोधी हमलों से कई खाड़ी देशों को भी नुकसान हुआ है।
इस बीच, अमेरिका इस संघर्ष से थकता हुआ नजर आ रहा है। उसने अन्य देशों से मदद मांगने के साथ-साथ नाटो पर युद्ध में सहयोग न देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। नाटो के महासचिव मार्क रुट की ट्रंप से मुलाकात 8 अप्रैल को होने वाली है, जो इस समय हो रही है जब ट्रंप ने नाटो से बाहर निकलने के संकेत दिए हैं।
अमेरिकी विदेश और रक्षा मंत्रियों से भी चर्चा
नाटो के अनुसार, रुट ट्रंप से मिलने के बाद विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से भी बातचीत करेंगे। ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगियों पर आरोप लगाया है कि वे ईरान के खिलाफ संघर्ष में उनका समर्थन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने में मदद न मिलने और सैन्य ठिकानों के उपयोग पर रोक को लेकर नाराजगी व्यक्त की है। हाल ही में, ट्रंप ने नाटो को 'कागजी शेर' बताते हुए गठबंधन छोड़ने पर विचार करने की बात कही।
ईरान ने अमेरिका का प्रस्ताव ठुकराया
ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के सीजफायर प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। ईरान की एक एजेंसी के अनुसार, यह प्रस्ताव एक तीसरे देश के माध्यम से तेहरान तक पहुंचाया गया था, जिसे ईरान ने मानने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, ईरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को भी गिरा दिया है। इनमें एक एफ15 ई फाइटर जेट और दूसरा ए-10 अटैक एयरक्राफ्ट शामिल है।
एफ15 ई फाइटर जेट पर ईरान के अंदर हमला हुआ, जिसमें एक क्रू मेंबर को बचा लिया गया, जबकि दूसरा अभी लापता है। ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी ए-10 अटैक एयरक्राफ्ट पर्शियन गल्फ में गिरा। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ या उसे गिराया गया। अमेरिकी मीडिया ने बताया कि दो अमेरिकी हेलिकॉप्टर भी ईरानी फायरिंग में हिट हुए हैं।
