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क्या इजराइल ने ईरान के प्रमुख नेता को खत्म कर दिया?

इजराइल के दावों के अनुसार, ईरान के प्रमुख नेता अली लारीजानी की हत्या हो गई है, जो ईरान के लिए एक गंभीर झटका हो सकता है। लारीजानी की भूमिका ईरान की सुरक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण थी, और उनकी मृत्यु के बाद देश में शक्ति का संतुलन बदल सकता है। जानें इस घटना के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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क्या इजराइल ने ईरान के प्रमुख नेता को खत्म कर दिया?

ईरान के लिए एक बड़ा झटका

क्या इजराइल ने ईरान के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति अली लारीजानी को मार डाला है? यदि यह सच है, तो यह ईरान के लिए एक गंभीर झटका होगा। इजराइल के दावों के अनुसार, यदि लारीजानी की हत्या हुई है, तो यह आयतुल्लाह अली खामनेई की हत्या के बाद इजराइल की सबसे बड़ी सफलता मानी जाएगी। ईरान में सर्वोच्च नेता की स्थिति सबसे महत्वपूर्ण होती है।


अब हम रक्षा मंत्रालय के प्रमुखों पर ध्यान दें। नेशनल डिफेंस काउंसिल के प्रमुख अली शामखानी, आईआरजीसी के कमांडर मोहम्मद पाकपौर, रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादे और आर्म्ड फोर्सेस के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुल रहीम मौसवी, ये सभी अमेरिका और इजराइल के हमलों में मारे जा चुके हैं। इस शक्ति के खालीपन में, आयतुल्लाह अली खामनेई के बाद, देश की सुरक्षा रणनीति अली लारीजानी और राष्ट्रपति मसूद पजिशियान के हाथों में थी। लारीजानी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव थे, जो भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के समकक्ष माना जाता है।


परमाणु वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका

अपनी मृत्यु से पहले, लारीजानी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन के साथ परमाणु वार्ता में नेतृत्व देने का कार्य सौंपा गया था। युद्ध की शुरुआत से पहले, वे मध्यस्थों से बातचीत के लिए ओमान गए थे, जो उनकी कूटनीतिक महत्वता को दर्शाता है। शिया धर्मगुरु न होने के बावजूद, लारीजानी को एक प्रमुख शक्ति केंद्र के रूप में देखा जा रहा था। कई विशेषज्ञों का मानना था कि ईरान का नेतृत्व सुरक्षा खतरों के बीच प्रभावी ढंग से राज्य के मामलों का प्रबंधन कर रहा था। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने यह भी बताया कि लारीजानी के बेटे, मोर्तेज़ा लारीजानी, भी उसी हमले में मारे गए।


कठोर रुख और कड़ी चेतावनियाँ

लारीजानी ने अपनी मृत्यु से कुछ दिन पहले ट्रम्प की उस चेतावनी पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल शिपमेंट बाधित करने पर संभावित हमलों की बात कही गई थी। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर कड़े रुख अपनाने के लिए जाना जाता था।


एक सशक्त राजनीतिक विरासत

लारीजानी एक प्रमुख राजनीतिक परिवार में जन्मे थे, जिनकी तुलना अक्सर अमेरिका के कैनेडी परिवार से की जाती है। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उनके भाई सादेक लारीजानी ने ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख के रूप में कार्य किया, जबकि दूसरे भाई, मोहम्मद जवाद लारीजानी ने विदेश मामलों में एक प्रमुख सलाहकार की भूमिका निभाई। लारीजानी ने 1990 के दशक में ईरान के संस्कृति मंत्री के रूप में कार्य किया, जहाँ उन्होंने सख्त सेंसरशिप नीतियों को लागू किया। इसके बाद, वे 2008 से 2020 तक संसद के अध्यक्ष रहे और हाल ही में सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख बने। राजनीति के अलावा, वे एक लेखक भी थे, जिन्होंने दर्शनशास्त्र पर कई रचनाएँ कीं।