क्या था ईरान पर हमले का असली कारण? इजरायली राजदूत ने खोले राज
नई दिल्ली में इजरायल के राजदूत का बयान
नई दिल्ली: भारत में इजरायल के राजदूत रियूवेन अजार ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि यह सैन्य कार्रवाई एक ऐसे 'ऑपरेशनल मौके' पर की गई, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तेल अवीव दौरे के बाद उत्पन्न हुआ। उनके बयान ने हमले के समय और निर्णय प्रक्रिया के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को स्पष्ट किया है।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान तेहरान पर हमले की कोई पूर्व योजना नहीं थी। राजदूत ने स्पष्ट किया कि उस समय तक इस तरह की कार्रवाई का कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया था, इसलिए भारतीय नेतृत्व के साथ ऐसी संवेदनशील जानकारी साझा करने का कोई सवाल ही नहीं था।
रियूवेन अजार का बयान
हम कुछ ऐसा शेयर नहीं कर सकते थे: रियूवेन अजार
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल के राजदूत ने कहा, 'यह एक ऑपरेशनल मौका था जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जाने के बाद ही सामने आया। निश्चित रूप से, दौरे के दौरान पीएम मोदी के साथ हमने क्षेत्रीय विकास पर चर्चा की, लेकिन हम वास्तव में कुछ ऐसा साझा नहीं कर सकते थे जो हमें ज्ञात न हो।'
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के लौटने के लगभग दो दिन बाद ईरान पर हमले का निर्णय लिया गया। शनिवार की सुबह सुरक्षा कैबिनेट ने इस कार्रवाई को औपचारिक मंजूरी दी, जिसके बाद संयुक्त सैन्य कदम उठाए गए।
प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा
दो दिवसीय इजरायल दौरे पर थे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 और 26 फरवरी को इजरायल के दो दिवसीय दौरे पर गए थे। यह 2017 के ऐतिहासिक दौरे के बाद उनका दूसरा इजरायल दौरा था। 2017 की यात्रा को भारत-इजरायल संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना गया था, जिसने लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक दबाव को कम किया और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत आधार दिया।
राजदूत अजार के बयान से यह स्पष्ट होता है कि ईरान पर हमला किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था, बल्कि बदलते हालात में उभरे मौके के आधार पर लिया गया निर्णय था।
